राजनांदगांव: अदरक के रस में कई औषधीय गुण होते हैं, जो विभिन्न बीमारियों के उपचार में सहायक साबित होते हैं। आयुर्वेद में इसके उपयोग को लेकर कई उपाय बताए गए हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा सक्सेना के अनुसार, अदरक का रस गठिया, आमवात और ऑटोइम्यून बीमारियों में लाभकारी होता है। सोंठ (सूखा अदरक) और हल्दी के चूर्ण के साथ इसका सेवन इन समस्याओं में विशेष रूप से फायदेमंद होता है।
अदरक गर्म प्रवृत्ति वाला होता है, जिसके कारण यह सर्दी-खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों में राहत देता है। इसका रस पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करता है।
अदरक के रस के औषधीय गुण:
- सूजन कम करता है: इसमें जिंजरोल नामक यौगिक पाया जाता है, जो सूजन को कम करने में मदद करता है।
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायक होता है।
- पाचन सुधारता है: अदरक पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और अपच व गैस से राहत दिलाता है।
- सर्दी-खांसी में राहत: इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की खराश और सर्दी-खांसी में राहत पहुंचाते हैं।
अदरक का रस प्राकृतिक औषधि के रूप में कई समस्याओं के समाधान के लिए उपयोग किया जाता है और इसे आयुर्वेद में भी बेहद प्रभावी माना गया है।

