तीन शव, तीन कहानियां और एक ही सवाल – कातिल कौन?

यूपी के मुरादाबाद जिले में पिछले कुछ दिनों में तीन अज्ञात व्यक्तियों की रहस्यमयी हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी भी मामले में मृतकों की पक्की पहचान नहीं हो सकी है, जबकि हत्यारे अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। विभाग की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं ताकि जल्द से जल्द इन संगीन वारदातों की गुत्थी सुलझ सके|
घटना नंबर एक – फूलवती हत्या कांड:
मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में फूलवती नाम की महिला की हत्या को एक माह से अधिक समय हो चुका है। 28 सितंबर को उसका शव कमालपुरी खालसा गांव के पास नहर किनारे मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की, लेकिन आरोपितों की पहचान तक नहीं हो सकी। हत्या का तरीका जसपुर (उत्तराखंड) में हुई ओमवती की हत्या से मिलता-जुलता था, जिसके चलते पुलिस वहां भी जांच करने गई, लेकिन फिर भी कोई नतीजा सामने नहीं आया।
घटना नंबर दो – भवतपुर हत्याकांड:
चार नवंबर को भगतपुर क्षेत्र के भवानीपुर निवासी किसान रामपाल को गन्ने के खेत में एक प्लास्टिक की पल्ली में लिपटा शव मिला। चेहरा बुरी तरह खराब होने के साथ ही शव के आसपास नमक भी मिला, जिससे हत्या के बाद पहचान मिटाने की कोशिश का अंदेशा हुआ। घटना के नौ दिन बाद भी पुलिस न तो शव की पहचान कर पाई है और न ही हत्यारों को पकड़ सकी है।
घटना नंबर तीन – पाकबड़ा फ्लाईओवर केस:
मुरादाबाद जिले के थाना पाकबड़ा के बागड़पुर फ्लाईओवर के नीचे 21 अक्टूबर की सुबह एक महिला का शव मिला था। प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई। महिला के चेहरे के आधार पर पुलिस ने अनुमान लगाया कि वह उत्तराखंड की हो सकती है। हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और कई जिलों की पुलिस को उसकी तस्वीरें भेजी गईं, लेकिन कोई पहचान नहीं हो सकी। 19 दिन बाद भी जांच अधूरी है और आरोपितों का कोई सुराग नहीं मिला।
तीनों मामलों ने पुलिस की नींद उड़ाई, पहचान ही सबसे बड़ी बाधा
एसएसपी सतपाल अंतिल का कहना है कि तीनों मामलों में पुलिस की प्राथमिकता मृतकों की पहचान कराना है। पहचान होने के बाद ही जांच का दायरा तय किया जा सकेगा और हत्या के कारणों पर गहराई से काम होगा। फिलहाल, पुलिस को शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।



