नारायणपुर (Chhattisgarh News):
अबूझमाड़ के घने जंगलों में मातृत्व और साहस का एक बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य कैमरे में कैद हुआ है। नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर, पांगुड़ गांव के पास बन रही एक नई सड़क के किनारे एक मादा भालू ने अपने शावक की रक्षा के लिए एक बाघ से मुकाबला किया।
इस घटना का वीडियो छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा, “मां आखिर मां होती है… यह दृश्य प्रकृति में मातृत्व की अद्वितीय शक्ति का प्रमाण है। यह घटना वन्य जीवन के प्रति हमारे सम्मान को और भी गहरा करती है।”
वीडियो में देखा जा सकता है कि जंगल से अचानक एक बाघ निकलता है और भालू के शावक की ओर बढ़ता है। लेकिन मादा भालू बिना देर किए बाघ पर टूट पड़ती है। ममत्व के आगे बाघ टिक नहीं पाया और डरकर वापस जंगल की ओर भाग गया।
वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक आर.सी. दुग्गा ने बताया कि पांगुड़ क्षेत्र का जंगल बाघों के अनुकूल है, और यहां उनकी उपस्थिति की संभावना पहले से जताई जाती रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो ग्रामीणों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया था। पांगुड़ की सीमा महाराष्ट्र से सटी हुई है, जिससे बाघों के वहां से छत्तीसगढ़ में आने की आशंका भी जताई जा रही है।

