कल है साल की पहली मासिक शिवरात्रि, जानें व्रत में क्या करें…

मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा और व्रत करते हैं. इस अवसर पर पूजा के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी होता है, ताकि पूजा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरी हो सके.
साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि 16 जनवरी को मनाई जाएगी. यह दिन शिव भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है. मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन भगवान भोलेनाथ की उपासना करता है, उस पर भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है. साथ ही जीवन से दुख-कष्ट दूर होते हैं और खुशहाली आती है. हालांकि, यदि इस दिन कुछ गलतियां की जाएं, तो पूजा पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है और व्रत का संपूर्ण फल नहीं मिल पाता है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि इस दिन क्या करना शुभ है और क्या करना अशुभ.
मासिक शिवरात्रि के दिन क्या करें?
- मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इस दिन स्वच्छता का विशेष महत्व होता है, इसलिए घर और मंदिर को साफ रखें.
- इस दिन भगवान शिव को अपराजिता का फूल अर्पित करें. अपराजिता फूल को कभी हार न मानने का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को यह फूल चढ़ाने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है.
- मासिक शिवरात्रि के दिन शिव मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से नकारात्मक विचार दूर होते हैं और मन को शांति मिलती है.
मासिक शिवरात्रि के दिन क्या न करें?
- मासिक शिवरात्रि के दिन तामसिक चीजों जैसे—प्याज, लहसुन, मांस और मछली का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है.
- इस दिन क्रोध करने और अपशब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए.
- यदि आप व्रत कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि व्रत को पूरा करें. व्रत को बीच में अधूरा छोड़ना अशुभ माना जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. )



