Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’ गाने पर डांस करते नजर आए IPS असित यादव ,डीआईजी पद पर पदोन्नति… 
    • बंगाल में CM पर फैसला कराने खुद जाएंगे अमित शाह, असम की जिम्मेदारी जेपी नड्डा को…
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जांजगीर-चांपा में तेजी से आगे बढ़ रहा मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट
    • संवाद से समाधान: कमराखोल में मुख्यमंत्री ने दूर की बिजली बिल की चिंता
    • माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल
    • एक चौपाल ऐसा भी जहाँ खुशियों और तालियों की रही गूंज,लखपति दीदियों के हौसले की उड़ान देख गदगद हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    • सुशासन तिहार: चौपाल में मिली राहत, सरलाबाई मरावी की समस्या का मुख्यमंत्री ने किया त्वरित समाधान
    • सुशासन तिहार: सरोधी की चौपाल में दिखी बदलाव की कहानी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, May 6
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»फोर्स के दबाव में नक्सलियों ने तोड़ी बटालियन, छत्तीसगढ़ में गुरिल्ला हमलों की आशंका
    छत्तीसगढ़

    फोर्स के दबाव में नक्सलियों ने तोड़ी बटालियन, छत्तीसगढ़ में गुरिल्ला हमलों की आशंका

    Chhattisgarh RajyaBy Chhattisgarh RajyaMarch 19, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    बटालियन
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    हाईलाइट्स

    • सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते नक्सल संगठन में हुआ बड़ा बदलाव।
    • एकमात्र बटालियन को छोटे समूहों में विभाजित किया गया, कंपनी और प्लाटून स्तर पर भी बदलाव।
    • स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने 10 से अधिक अग्रिम चौकियों की स्थापना की।

      नक्सल संगठन में बड़े बदलाव, सुरक्षा बलों का दबदबा बढ़ा

      जगदलपुर: सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल संगठन में बड़े फेरबदल हुए हैं। बस्तर में सक्रिय देश की इकलौती नक्सल बटालियन को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर दिया गया है। अब नक्सली गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपना रहे हैं, जबकि पहले वे गर्मियों में बड़े हमले करते थे।

      बस्तर में मार्च से जून के बीच की अवधि को नक्सली “टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी)” कहते हैं। इसी दौरान जंगल की बढ़ी हुई दृश्यता का फायदा उठाकर वे बड़े हमले करते थे। 2010 में ताड़मेटला हमले में 76 जवान, 2017 में बुरकापाल हमले में 32 जवान, और 2021 में टेकुलगुड़ेम मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए थे। लेकिन इस बार स्थिति बदली हुई है।

      सुरक्षा बलों की सख्ती और नक्सलियों का आत्मसमर्पण

      राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के चलते कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिससे उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। शांति स्थापित होने से विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।

      14 महीने में 304 नक्सली ढेर, 34 नई चौकियां स्थापित

      पिछले 14 महीनों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाते हुए 304 नक्सलियों को मार गिराया और 34 नई अग्रिम चौकियां स्थापित की हैं। इससे नक्सली यह मानने लगे हैं कि अब टीसीओसी का लाभ सुरक्षा बल भी उठा सकते हैं और उनके संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

      नक्सलियों के गढ़ पर सुरक्षा बलों का कब्जा

      पिछले एक साल में सुरक्षा बलों ने सुकमा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों के सबसे मजबूत ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। जहां कभी नक्सलियों का दबदबा था, वहां अब टेकुलगुड़ेम, पूवर्ती, तर्रेम, गुंडेम, कोंडापल्ली, जिड़पल्ली और वाटेवागु समेत 10 से अधिक नई सुरक्षा चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं।

      छोटे समूहों में बंटकर नक्सली रच रहे हमले की साजिश

      अब नक्सली अपनी रणनीति बदलकर स्मॉल एक्शन ग्रुप्स में बंटकर हमले करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं और टीसीओसी के दौरान नक्सल विरोधी अभियानों को और आक्रामक किया जाएगा।

      “गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपना सकते हैं नक्सली” – पूर्व डीजीपी आर.के. विज

      छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक आर.के. विज का मानना है कि सुरक्षा बलों की स्थिति अब जंगलों में मजबूत हो गई है। अभियानों में नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है, इसलिए वे अब गुरिल्ला युद्ध की रणनीति के तहत छोटे समूहों में हमले की योजना बना सकते हैं। गुरिल्ला युद्ध में छोटा समूह भी बड़ा नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है, इसलिए सतर्कता बनाए रखना जरूरी होगा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    Chhattisgarh Rajya
    Chhattisgarh Rajya

    Related Posts

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जांजगीर-चांपा में तेजी से आगे बढ़ रहा मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट

    May 5, 2026

    संवाद से समाधान: कमराखोल में मुख्यमंत्री ने दूर की बिजली बिल की चिंता

    May 5, 2026

    माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल

    May 5, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.