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    Home»धर्म आस्था»माउंट आबू का अनोखा मंदिर, जहां आमने-सामने विराजते हैं दो शिवलिंग, अनोखी मान्यताएं
    धर्म आस्था

    माउंट आबू का अनोखा मंदिर, जहां आमने-सामने विराजते हैं दो शिवलिंग, अनोखी मान्यताएं

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 20, 2026
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    सिरोही: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू को धार्मिक नगरी के रूप में भी पहचाना जाता है. यहां कई प्राचीन और अनोखे मंदिर बने हुए हैं, जो संतों की तपोस्थली भी रहे हैं. ऐसा ही एक मंदिर है माउंट आबू का अग्नेश्वर महादेव मंदिर. माउंट आबू से करीब 7 किलोमीटर दूर देलवाड़ा के रसिया बालम मंदिर से पैदल पहाड़ी रास्तों और पगडंडियों से होकर इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. ये स्थान चारों तरफ अरावली की वादियों और जंगल से घिरा है. मंदिर के गर्भ गृह में एक ही स्थान पर आमने सामने दो शिवलिंग विराजमान है. इसके अलावा माता पार्वती, गणेश समेत शिव परिवार भी दो दो विराजमान है.

    स्थानीय ओंकार आश्रम के संत प्रतापगिरी महाराज ने बताया कि ये स्थान किसी समय में भगवान राम के गुरू विश्वामित्र और धनवंतरि की तपोस्थली हुआ करता था. इस मंदिर का स्कंध पुराण में भी उल्लेख किया गया है. यहां बने दो शिवलिंग की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है. श्रावण मास में यहां काफी भक्त दर्शन करने पहुंचते है. यहां का शांत वातावरण भक्तों को काफी पसंद आता है.

    कभी खत्म नहीं होता कुंड का पानी

    मंदिर परिसर में बना एक पवित्र जलकुंड भी भक्तों में आस्था का केंद्र है. इस कुंड में सांप भी निवास करते है. वहीं इस कुंड की खास बात ये हैं कि इसमें से कितना भी पानी निकाला जाए, लेकिन इस कुंड का पानी कभी खत्म नहीं होता है. कुंड के आसपास ओम के निशान और प्राचीन मूर्तियां स्थापित है. इस कुंड के पानी को गंगा की तरह पवित्र माना जाता है. स्थानीय भक्तों में इस कुंड के पानी से कई तरह के चर्म रोग ठीक होने की भी मान्यता है.

    मंदिर कई वर्षों से निरंतर चल रहा ये अखंड धुना 

    मंदिर के एक स्थान में संतों का अखंड धुना भी बना हुआ है. जो पिछले कई वर्षों से निरंतर चल रहा है. यहां तपस्या करने के लिए देशभर से कई संत महात्मा आते है. जिनके लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी यहां की जाती है. मंदिर जंगल के बीच होने से यहां शाम के बाद वन्यजीवों की आवाजाही भी होती है. ऐसे में दिन के समय ही मंदिर में भक्त आते है.

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