Sunil Gavaskar on Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह की बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है. उससे हर एक गेंदबाज के अंदर डर समाया हुआ है. इंडियन प्रीमियर लीग में उनके खेल को देखने के बाद तमाम दिग्गज वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते नहीं थक रहे. उनकी बैटिंग का तरीका ‘हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड’ वाला है. पहले मैच में तूफानी फिफ्टी के बाद मुंबई इंडियंस और फिर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के गेंदबाजों की जैसी पिटाई की उसने क्रिकेट की दुनिया में भूचाल ला दिया है.
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के खेल से काफी प्रभावित हैं. उन्होंने खास तौर से कहा कि इस युवा खिलाड़ी में गेंद की लेंथ और लाइन को बहुत तेजी से परखने की काबिलियत है. वो बॉल को बहुत जल्दी भांप लेते हैं और उनका विरोधी गेंदबाजों पर प्रहार जबरदस्त होता है. गावस्कर ने वैभव को लेकर मीडिया को भी सलाह दी. उनका खास तौर पर कहना था कि वो इस युवा खिलाड़ी को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश न करें. किसी भी खिलाड़ी से की जाने वाली ज्यादा उम्मीदें उसको तोड़ सकती हैं. एक अच्छे करियर को बर्बाद कर सकती हैं.
सुनील गावस्कर ने आगे वैभव को सावधान करते हुए कहा, जैसे-जैसे समय बीतेगा, विरोधी टीमें और कोच वैभव सूर्यवंशी के खेलने के तरीके का अध्ययन करेंगे. सब उनकी कमियों का पता लगाने की कोशिश करेंगे. वैभव किस चीज से दबाव में आते हैं और कहां उनको पकड़ा जा सकता है, सबको लेकर होमवर्क किया जाएगा. उनके तकनीक की खामी को पता करेंगे और फिर मानसिक रवैये में कोई कमजोरी हो को भी ढूंढने में लग जाएंगे.
गावस्कर ने कहा, “उनकी विरोधी टीम इस बात को भी देखना चाहेगी कि कोई ऐसी चीज ऐसी है जो बल्लेबाजी के दौरान उनके संयम को डगमगाएगा. यह युवा खिलाड़ी अब सबकी नजरों में आ जाएगा. वैभव को लेकर गेंदबाज और कोचिंग टीम हर छोटी से छोटी बात की बारीकी से जांच की करेंगे. सभी उसका फायदा उठाना चाहेंगे. उनकी असली परीक्षा तब देखने को मिलेगी जब कमजोरी सबसे सामने आए और वो उसके ऊपर काम करके खुद को बेहतर बनाने में कामयाब हों. कमजोरियों को छिपाकर इसे अपनी ताकत में बदलना ही सबसे अहम होगा.

