JNU में निकली चेतावनी रैली,प्रदर्शनकारियों ने जमकर लगाए अपत्तिजनक नारे

दिल्ली, यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी, लेकिन उससे पहले जेएनयू और डीयू में जमकर बवाल हो रहा है। हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रदर्शन के दौरान छात्र और महिला पत्रकार के बीच झड़प देखने को मिली। वहीं, जेएनयू में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी अपने पुराने रूप में दिखाई दिए थे। अब फिर से JNU में प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी रैली निकाली है। इसके साथ ही सवर्णों के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए हैं।
आपको बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्र इकाई जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) के कार्यकर्ताओं ने रविवार रात अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में चेतावनी मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांगें न माने जाने पर आंदोलन तेज करने का संकेत भी दिया। इस प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद, ठाकुरवाद मुर्दाबाद और हिन्दू राष्ट्र मुर्दाबाद जैसे नारों का प्रयोग किया गया। इतना ही नहीं, इस दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं के खिलाफ भी आपत्तिजनक नारे लगाए गए।
JNUSU के छात्रों पर कार्रवाई
जेएनयू में यूजीसी के समर्थन में हो रहे बवाल को लेकर JNUSU के छात्रों पर कार्रवाई की गई है। दरअसल, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी सुनील यादव, जॉइंट सेक्रेटरी दानिश अली और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रस्टिकेट कर दिया है। आरोप है कि डॉ. बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में लगी फेशियल रिकग्निशन तकनीक को नुकसान पहुंचाया गया। कार्रवाई के बाद संबंधित छात्रों को पूरे कैंपस से तुरंत बाहर कर दिया गया।
इसके पहले भी हुई थी कार्रवाई
आपको बता दें कि इससे पहले भी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल के वर्षों की सबसे कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में से एक कदम उठाया था। एक विरोध प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी की संपत्ति को कथित नुकसान पहुंचाने के आरोप में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) की प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा, वाइस प्रेसिडेंट गोपिका के बाबू समेत सभी चारों पदाधिकारियों को दो सेमेस्टर के लिए रस्टिकेट कर दिया गया था। इस फैसले को यूनिवर्सिटी प्रशासन की सख्त नीति के रूप में देखा गया था।



