युवा एक्ट्रेस के यौन उत्पीड़न मामले में WCC का डायरेक्टर पर फूटा गुस्सा, उठाए गंभीर सवाल!

मलयालम फिल्म डायरेक्टर रंजीत बालकृष्णन पर हाल ही में एक युवा एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बाद रंजीत बालकृष्णन को मंगलवार की रात गिरफ्तार भी कर लिया गया है, लेकिन अब ऐसी खबरे आ रही है कि उन पर न केवल सेक्सुअल असॉल्ट की कोशिश का केस था, बल्कि एक महिला की इज्जत खराब करने, गलत तरीके से कैद करने और गंदे इशारे करने के भी आरोप हैं। साथ ही, पीड़िता ने बताया है कि ये घटना फिल्म सेट पर एक प्राइवेट कारवां में हुई, जहां कई लोग मौजूद थे।
इंडस्ट्री के पावर स्ट्रक्चर ने IC की रोल को कमजोर कर दिया है
इन तमाम विवादों को देखते हुए ‘विमेन इन सिनेमा कलेक्टिव’ (WCC) ने कड़ा रुख अपनाया है। WCC ने उस लड़की की हिम्मत की सराहना की, जिसने बिना किसी डर के सीधे पुलिस से कनेक्ट किया और उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि फिल्म इंडस्ट्री में पीड़िता की मदद करने वाली इंटरनल कमेटी (IC) ने इस शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की। WCC का कहना है कि IC को उस घटना की जानकारी नहीं थी, जबकि ये उनके जिम्मे थी, जिससे साफ होता है कि इंडस्ट्री के पावर स्ट्रक्चर ने IC की रोल को कमजोर कर दिया है। इतना ही नहीं, WCC ने ये भी कहा कि उन्होंने हर फिल्म सेट पर IC बनाने के लिए हाईकोर्ट तक कदम उठाए, लेकिन ये सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। साथ ही, उन्होंने पूछा कि कहीं ये इच्छाशक्ति की कमी, जागरूकता नहीं होने या पूरी तरह से लापरवाही है? संगठन ने ये भी कहा कि POSH एक्ट का सही से पालन नहीं होने के कारण अपराधी मुक्त हैं।
हैरेसमेंट के खिलाफ आवाज उठाना बहुत मुश्किल भरा होता है
‘विमेन इन सिनेमा कलेक्टिव’ ने एक बार फिर उस एक्ट्रेस की बहादुरी को सलाम किया और बताया कि सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ आवाज उठाना बहुत मुश्किल भरा होता है, लेकिन ये जरूरी है। उन्होंने सभी फिल्म सेट पर IC के मजबूत कार्यान्वयन और POSH एक्ट के पालन की साथ ही एक्टर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके बाद WCC ने लास्ट में एक मजबूत अपील की है कि इंडस्ट्री में संरचनात्मक बदलाव, पीड़ितों को पूरा सपोर्ट करेगी, जहां एक ऐसा माहौल बनाया जाए कि हर किसी की गरिमा की पूरी रक्षा हो। ये संस्था सतत इस दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।



