Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को दिलाया नशामुक्त भारत का संकल्प, विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
    • विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘सत्याग्रह‘ किताब का विमोचन
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रयास आवासीय विद्यालय के नीट क्वालीफाई विद्यार्थियों से किया प्रेरक संवाद
    • CWG 2026: भारत को 7 गोल्ड मेडल दिलाने वाले भारतीय बॉक्सर कौन हैं?
    • बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता विंसेंट पास्टोर का 80 वर्ष की आयु में निधन …
    • राहत वाली खबरः पानी चोरी रोकने पर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, मुनक नहर से अब पाइपलाइन से पानी की होगी सप्लाई
    • आज का राशिफल : मेष-सिंह सहित तुला राशि वालों को मिलेंगे अच्छे परिणाम, पढ़ें आज का राशिफल
    • अवैध हथियार रखने मामले में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति को 7-7 साल की जेल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, August 3
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»व्यापार»तकनीकी»क्या है AirPods का 60-60 Rule? जानें एक्सपर्ट्स क्यों देते हैं सलाह
    तकनीकी

    क्या है AirPods का 60-60 Rule? जानें एक्सपर्ट्स क्यों देते हैं सलाह

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 29, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    AirPods: वायरलेस ईयरबड्स लोगों की जिंदगी की जरूरत बन चुके हैं. अब ज्यादातर लोग स्मार्ट डिवाइसेज का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनकी मदद से उन्हें अपने काम करने में काफी मदद मिलती है. इसी कड़ी में बता दें कि एयरपॉड्स मार्केट में काफी ज्यादा पसंद किया जाने वाला डिवाइस है. लेकिन ज्यादातर लोग इसको इस्तेमाल करने का सही तरीका नहीं जानते हैं. दरअसल, कई एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि एयरपॉड्स को इस्तेमाल करने का एक नियम है जिसे 60-60 कहा जाता है. आइए जानते हैं कि क्या है ये नियम.

    क्या है 60-60 Rule

    जानकारी के मुताबिक, 60-60 Rule सुनने की ताकत को सुरक्षित रखने के लिए ऑडियोलॉजी एक्सपर्ट्स द्वारा सुझाया गया एक आसान नियम है. इसमें दो बातें बताई गई हैं जिसमें पहला है कि वॉल्यूम हमेशा मैक्सिमम लेवल के 60% से कम रखें. दूसरा लगातार 60 मिनट से ज्यादा ईयरबड्स का इस्तेमाल न करें. इसके बाद कम से कम 15 से 20 मिनट का ब्रेक जरूर लें. इस नियम का मकसद कानों पर पड़ने वाले लगातार दबाव को कम करना और सुनने की ताकत को लंबे समय तक सेफ रखना है.

    कितना खतरनाक होता है तेज वॉल्यूम

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक करीब 85 डेसिबल (dB) तक की आवाज को एक समय तक सुरक्षित माना जाता है. लेकिन जैसे-जैसे आवाज बढ़ती है, वैसे-वैसे आपके कानों पर एक्सट्रा लोड पड़ने लगता है. जैसे अगर आप बहुत तेज आवाज में म्यूजिक सुन रहे हैं तो कुछ ही देर में आपके कानों को नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है.

    AirPods और कई दूसरे ईयरबड्स मैक्सिमम वॉल्यूम पर 100 dB से भी ज्यादा आवाज पैदा कर सकते हैं जो लंबे समय तक सुनने के लिए बिलकुल भी सेफ नहीं माने जाते हैं.

    क्यों जरूरी है ये नियम

    दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में करोड़ों युवाओं में तेज म्यूजिक सुनने का क्रेज रहता है जिससे उनके कानों पर ज्यादा दवाब पड़ता है और उनके सुनने की ताकत पर भी असर पड़ता है. बता दे कि लगातार तेज आवाज में ऑडियो सुनने से कानों के अंदर मौजूद बेहद सेंसिटिव हेयर सेल्स धीरे-धीरे घायल होने लगते हैं.

    ये छोटे-छोटे सेल्स आवाज को दिमाग तक पहुंचाने का काम करते हैं. अब अगर एक बार ये खराब हो जाते हैं तो इन्हें दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता है. यही वजह है कि लंबे समय तक तेज आवाज सुनना आने वाले समय में परमानेंट Hearing Loss का कारण बन सकता है.

    AirPods इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

    अगर आप रोजाना AirPods या दूसरे ईयरबड्स इस्तेमाल करते हैं तो कुछ जरूरी आदतें अपनाकर अपने कानों को सुरक्षित रख सकते हैं.

    • iPhone में Headphone Safety फीचर ऑन रखें और मैक्सिमम वॉल्यूम लिमिट सेट करें.
    • अगर फोन बार-बार हाई वॉल्यूम की वार्निंग दे रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें.
    • हर एक घंटे के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट का ब्रेक लें.
    • शोर वाले माहौल में वॉल्यूम बढ़ाने की बजाय Noise Cancellation वाले हेडफोन का इस्तेमाल करें.
    • सोते समय या कई घंटों तक लगातार ईयरबड्स लगाए रखने से बचें.

    किन चीजों को नजरअंदाज करना पड सकता है भारी

    आपको बता दें कि अगर आपने भी कुछ चीजों को नजरअंदाज किया तो आपके कानों को परमानेंट नुकसान पहुंच सकता है.

    • कानों में लगातार सीटी या घंटी जैसी आवाज आना.
    • लोगों की बात समझने में परेशानी होना.
    • भीड़ या शोर वाले स्थान पर बातचीत सुनने में दिक्कत होना.
    • पहले की तुलना में बार-बार वॉल्यूम बढ़ाने की जरूरत महसूस होना.
    • अलार्म, डोरबेल या ऊंची आवाज वाले साउंड साफ न सुनाई देना.

    अगर आपको भी ऐसे लक्षण दिखाई दें तो जल्द से जल्द कान के एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा.

    कौन से हेडफोन हैं ज्यादा सेफ

    आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अगर आप भी अपने लिए कोई हेडफोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो Noise Cancellation वाले Over-Ear Headphones आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकते हैं. ये बाहर के शोर को कम कर देते हैं जिससे आपको म्यूजिक सुनने के लिए वॉल्यूम ज्यादा बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती है.

    वहीं नॉर्मल ईयरबड्स आवाज सीधे कान की नली तक पहुंचाते हैं. अगर इन्हें लंबे समय तक तेज वॉल्यूम पर इस्तेमाल किया जाए तो सुनने की ताकत कम हो सकती है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ये 5 प्राइवेट Email सर्विस आपकी Privacy रखेंगी सुरक्षित

    August 1, 2026

    Lyne ने लांच किया नया 50W वायरलेस स्पीकर

    July 31, 2026

    घड़ी ने खुद समझा खतरा मौत के मुंह से खींच लाई Apple Watch : शख्स के गिरते ही खुद बुलाया एम्बुलेंस, पढ़े पूरी खबर…

    July 30, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.