बंगाल में कब होगा चुनावों का ऐलान, क्या हो रही चर्चा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा मार्च के दूसरे हफ्ते में हो सकती है। यह खबर बंगाल सीईओ ऑफिस से मिली है। सूत्रों के मुताबिक, बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर मनोज कुमार अग्रवाल ने पत्रकारों को इशारा दिया है कि चुनाव शेड्यूल की घोषणा मार्च के दूसरे हफ्ते में हो सकती है। दरअसल काफी समय से यह सवाल उठ रहे थे कि इस बार राज्य के विधानसभा चुनाव कितने फेज में होंगे? सूत्रों के मुताबिक, सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने इस मुद्दे पर भी खुलकर बात की है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि ज्यादा से ज्यादा तीन फेज में वोटिंग होने की संभावना है। बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर आज यानी शनिवार शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
बंगाल में कब आएगी चुनाव आयोग की टीम?
सीईओ ऑफिस के सूत्रों से मिले इस इशारे को लेकर काफी समय से कयास लगाए जा रहे हैं। इलेक्शन कमीशन की टीम 1 मार्च को राज्य में नहीं आ रही है। उसके बाद होली और डोल यात्रा के त्योहार शुरू हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, त्योहार खत्म होने के बाद इलेक्शन कमीशन की टीम बंगाल में आ सकती है। फिर राज्य में चुनावों की घोषणा हो सकती है। परंपरा के अनुसार, किसी राज्य में चुनाव होने से पहले इलेक्शन कमीशन की फुल बेंच वहां जाती है।
बंगाल में कब होगी चुनावों की घोषणा?
दरअसल चुनाव आयोगग की फुल बेंच तमिलनाडु और असम मेंपहले ही जा चुकी है। उधर, बंगाल में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभी खत्म नहीं हुआ है। फाइनल एसआईआर वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी की जाएगी। उसके बाद इलेक्शन कमीशन का प्रतिनिधि या फुल बेंच राज्य में आ सकता है। फिर, सूत्रों के अनुसार, मार्च के बीच में चुनाव की घोषणा हो सकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक फेज में चुनाव कराने की मांग की
उधर, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि बीजेपी और टीएमसी दोनों पार्टियां बाइनरी राजनीति कर रहे हैं। अगर 10-12 फेज में चुनाव होगा, तो यह एक मतदाता को दूसरी जगह भेजेंगे। लेकिन अगर एकसाथ चुनाव होगा, तो वे दूसरी जगह भेज नहीं पाएंगे, यह सीधी बात है। बीजेपी और टीएमसी दोनों वोट की चोरी करते हैं। अंतर बस इतना है कि एक गुंडे-बदमाशों के दम पर वोट चोरी करता है, जबकि दूसरा चुनाव आयोग के सहारे करता है। ऐसे में अगर एक दिन में वोट पड़ेगा, तो उन्हें मुश्किल होगी।



