Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • भलपहरी और अचानकपुर में ग्रामीणों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, दी 48 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात
    • राज्यपाल श्री डेका ने दी विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधायक श्रीमती रायमुनी भगत का जाना कुशलक्षेम : शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की
    • रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी
    • श्री अशोक कुमार गुप्ता ने एनआईटी रायपुर के कुलसचिव का कार्यभार संभाला
    • नाबालिग मौत मामले में 2 लड़कियों समेत 5 नाबालिग गिरफ्तार जंगल में मिलकर देखा था पोर्न, पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का किया खुलासा…
    • बस्तर दशहरा में पहली बार ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मू
    • जल संरक्षण से बदलेगी ग्राम दर्री की तस्वीर, 24 लाख 30 हजार लीटर वर्षा जल सहेजने की अनूठी पहल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, October 19
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»मुख्य समाचार»महिलाओं पर गैंगरेप का आरोप लगाया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
    मुख्य समाचार

    महिलाओं पर गैंगरेप का आरोप लगाया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inOctober 19, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    ‘महिलाओं पर गैंगरेप का आरोप’ ये पढ़ने और सुनने में अजीब सा लग सकता है। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के मुताबिक ‘महिलाओं पर गैंगरेप का आरोप’ लगाया जा सकता है। अदालत ने अपने फैसले मेंजर्मन कहावत का हवाला देते हुए कहा कि जो व्यक्ति सीढ़ी थामे रखता है, वह भी चोर के जितना ही दोषी है। अदालत ने कहा, “धारा 70 में ‘एक या अधिक व्यक्तियों का समूह’ वाक्यांश में ‘व्यक्ति’ शब्द को केवल पुरुषों के समूह तक सीमित करने का कोई तर्क या आधार नहीं है; इसलिए, इस वाक्यांश में आए ‘व्यक्ति’ शब्द को जेंडर-न्यूट्रल रूप में ही समझा जाना चाहिए।

    जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने तर्क दिया कि BNS की धारा 70 एक जेंडर-न्यूट्रल (लिंग-निरपेक्ष) प्रावधान है। अदालत ने आगे स्पष्ट किया कि गैंगरेप के अपराध के लिए यह जरूरी नहीं है कि अपराध करने के साझा इरादे से काम करने वाले व्यक्ति ने खुद शारीरिक रूप से बलात्कार किया हो। अदालत ने कहा कि उदाहरण के लिए, कोई महिला जो बलात्कार करने वाले व्यक्तियों के समूह का हिस्सा नहीं है, वह भी पीड़िता के साथ बलात्कार करने के साझा इरादे को आगे बढ़ाने में शामिल हो सकती है।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि धारा 70 के अनुसार, जो व्यक्ति किसी समूह का हिस्सा है या जो अपराध को अंजाम देने के साझा इरादे से काम करता है, उसे भी गैंगरेप का दोषी माना जाएगा। अदालत के मुताबिक ऐसा मानने का कोई आधार नहीं है कि किसी महिला पर IPC की धारा 376D (जिसे अब BNS की धारा 70 से बदल दिया गया है) और BNS की धारा 70 के तहत गैंगरेप का आरोप नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने अपने फैसले में एक जर्मन कहावत का जिक्र करते हुए उस व्यक्ति की जिम्मेदारी पर टिप्पणी की, जो दूसरों को अपराध करने में मदद करता है। अदालत ने कहा कि जो व्यक्ति सीढ़ी पकड़ता है, वह भी उतना ही दोषी है जितना कि चोर।

    जाने हाईकोर्ट ने क्यों कि ऐसी टिप्पणी

    दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक ऐसे मामले में किया है, जिसमें आरोप है कि महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को एक पुरुष के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। यह भी आरोप है कि दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच, जब उसकी बेटी का बार-बार यौन उत्पीड़न किया जा रहा था, तब वह महिला वहां मौजूद थी। जुलाई 2024 में ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट, 2012’ (POCSO एक्ट) और BNS के तहत दर्ज किए गए आपराधिक मामले में यह महिला भी आरोपी थी। एक ट्रायल कोर्ट ने उस पर BNS की धारा 70 के तहत ‘गैंग रेप’ (सामूहिक बलात्कार) का आरोप भी तय किया।

    हाईकोर्ट ने महिला के तर्क को खारिज किया

    आरोपी महिला ने हाईकोर्ट में इस आरोप को चुनौती दी। उसने तर्क दिया कि उस पर गैंग रेप का आरोप नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि वह एक महिला है। वहीं भारतीय कानून के अनुसार, बलात्कार का अपराध केवल पुरुषों द्वारा ही किया जा सकता है। 15 अक्टूबर को दिए गए अपने फैसले में, अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति पर उसके लिंग की परवाह किए बिना गैंग रेप का आरोप लगाया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि BNS के तहत एक महिला पर भी गैंग रेप का आरोप लग सकता है, बशर्ते वह अकेली आरोपी न हो। अदालत ने कहा कि केवल एक महिला पर गैंग रेप का आरोप नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह प्रथम दृष्टया बलात्कार की उस कानूनी परिभाषा के अनुरूप नहीं होगा, जो 2013 के बाद की IPC की धारा 375 और वर्तमान BNS की धारा 63 में दी गई है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    महानवमी पर CM सम्राट चौधरी ने की कन्या पूजा, बिहार के लिए मां भगवती से की सुख-समृद्धि की कामना…

    October 19, 2026

    नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में भीषण आग, मजदूरों ने भागकर बचाई जान…

    October 19, 2026

    कोलकाता के चोरबगान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़, 17 लोगों की मौत; दर्जनों घायल

    October 18, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.