Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत भेंट की गई राखियां,दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचेगा बहनों का स्नेह…
    • देश के नाम पर संसद में बर्बाद किए अरबों
    • केंद्रीय मंत्री अब विश्वविद्यालयों में…
    • पेपर लीक,  राम मंदिर, चंदा चोरी, वंदे मातरम पर कांग्रेस अभियान…
    • 21 भारतीयों वाले जहाज पर ईरानी हमले, होर्मुज में IRGC की ताबड़तोड़ फायरिंग से क्रू ने ऐसे बचाई जान
    • जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल
    • ‘पत्नी को वापस बुलाने के लिए दी बलि’, 40 वर्षीय शख्स की हत्या कर सिर धड़ से किया अलग
    • बहनों की राखियां समय पर भाइयों तक पहुंचाने भारतीय डाक विभाग का विशेष प्रबंध 23 अगस्त रविवार को भी खुले रहेंगे रायपुर संभाग के डाकघर एवं उपडाकघर…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, August 22
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»जागरूकता से ही संभव है नारी सशक्तीकरणः श्रीमती मीनल चौबे
    छत्तीसगढ़

    जागरूकता से ही संभव है नारी सशक्तीकरणः श्रीमती मीनल चौबे

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 25, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    विशेषज्ञों ने लैंगिक भेद-भाव एवं उत्पीड़न से रक्षा के उपाय बताए

    कृषि विश्वविद्यालय में लैंगिक समानता एवं सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

    रायपुर- भारतीय संस्कृति, परंपराओं और वांग्मय में स्त्रियों को विशिष्ट स्थान प्रदान किया गया है। नवरात्रि पर्व में नौ दिनों तक नव दुर्गा का रूप में नारी शक्ति की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि स्त्रियां किसी भी मामले में पुरूषों से कम नहीं है और वह हर एक काम कर सकती है जो पुरूष कर सकते हैं। बस उन्हें अपना आत्मविश्वास बनाए रखना होगा और अपनी सामर्थ्य दुनिया को दिखानी होगी। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा तथा लैंगिक असमानता, भेद-भाव और उत्पीड़न के विरूद्ध आवाज बुलंद करनी होगी। नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इस आशय के विचार आज यहां इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला “उड़ानः जागरूकता से सशक्तीकरण” में व्यक्त किये।

    इस कार्यशाला का आयोजन इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि आज का युग नारी सशक्तीकरण का युग है जहां महिलाएं हर क्षेत्र में पुरूषों की बराबरी कर रही हैं और उनके बराबर ही सफलता अर्जित कर रही हैं। आज किसी भी बोर्ड परीक्षा या प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम देखें तो हर परीक्षा में बालिकाएं या महिलाएं शीर्ष पर दिखाई देती हैं। प्रावीण्य सूची में भी महिलाओं का वर्चस्व होता है। इसी प्रकार देश में हर क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी दिखाई देती है। डॉ. चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों में अध्यनरत बालिकाओं की संख्या बालकों की संख्या के लगभग बराबर है। इसी तरह आज बड़ी संख्या में महिला प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा और समानता के लिए बहुत अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं और यहां का वातावरण महिलाओं के लिए काफी सुरक्षित है।

    विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमति रूचि वर्मा सहायक पुलिस कमिश्नर ने भारतीय न्याय सहिता में महिलाओं की सुरक्षा, समानता तथा लैंगिक भेद-भाव एवं उत्पीड़न हेतु किए गए प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सुश्री नलिनी शर्मा आहार एवं योग विशेषज्ञ ने महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा एवं आहार की गुणवत्ता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ्य रहने के लिए सामान्य योगासन, प्राणायाम एवं सूक्ष्म व्यायाम के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी एवं इनका जीवंत प्रदर्शन किया। डॉ. रोली तिवारी प्राध्यापक शिक्षा मनोविज्ञान विभाग पं. रवि शंकर विश्वविद्यालय ने महिलाओं की मनोवैज्ञानिक स्थिति, मानसिक स्वास्थ्य तथा मानसिक सबलीकरण पर उपयोगी जानकारी प्रदान की।

    कार्यशाला के प्रारंभ में महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. दीप्तीमयी दास ने विश्वविद्यालय में महिलाओं की लैंगिक समानता तथा महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी देते हुए कार्यशाला की रूप-रेखा प्रतिपादित की। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने विश्वविद्यालय में महिला समानता एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की वजह से विगत कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में लैंगिक उत्पीड़न का कोई भी प्रकरण सामने नहीं आया है। कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव डॉ. ज्योति भट्ट ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत भेंट की गई राखियां,दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचेगा बहनों का स्नेह…

    August 22, 2026

    जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल

    August 22, 2026

    बहनों की राखियां समय पर भाइयों तक पहुंचाने भारतीय डाक विभाग का विशेष प्रबंध 23 अगस्त रविवार को भी खुले रहेंगे रायपुर संभाग के डाकघर एवं उपडाकघर…

    August 22, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.