बीजिंग: तिब्बत का झिजांग प्रांत भूकंप के एक और झटके से फिर थर्रा उठा है। आज बुधवार को सुबह करीब 7 बजे यह झटका महसूस किया गया। हालांकि इस बार किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि यह भूकंप झिजांग प्रांत में आया। गत 15 घटों में तिब्बत में कम से कम 150 भूकंप के झटके महसूस किये जा चुके हैं। इससे लोग दहशत में हैं। वहीं मंगलवार को आए भूकंप में अब तक कम से कम 128 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि काफी संख्या में लोग घायल हैं।
बुधवार को तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर करीब 4 आंकी गई है। इसका केंद्र जमीन के अंदर करीब 10 किलोमीटर की गहराई तक था। तिब्बत के साथ ही साथ नेपाल में भी भूकंप का यह झटका महसूस किया गया। इसकी तीव्रता करीब 4.2 आंकी गई है।
तिब्बत मंगलवार को आए भूकंप के बाद अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। क्षेत्रीय आपदा राहत मुख्यालय के अनुसार, भूकंप मंगलवार सुबह (बीजिंग समयनुसार) 9:05 बजे चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगाज़े में डिंगरी काउंटी में आया। इसका केंद्र शिगाज़े शहर के डिंगरी काउंटी के सोगो कस्बे में था। शिगाजे पूर्वोत्तर नेपाल में खुम्बू हिमालय पर्वतमाला में लोबुत्से से 90 किमी.उत्तर-पूर्व में स्थित है, तथा यह तिब्बत का अंतिम सीमावर्ती शहर है, जो नेपाल-तिब्बत-भारत ट्राई-जंक्शन से अधिक दूर नहीं है। यह इलाका सिक्किम से मिलता है। शिगाजे को शिगास्ते के नाम से भी जाना जाता है जो भारत की सीमा के करीब है। शिगास्ते को तिब्बत के सबसे पवित्र शहरों में से एक माना जाता है। यह पंचेन लामा की पारंपरिक पीठ है, जो तिब्बती बौद्ध धर्म के एक प्रमुख व्यक्ति हैं।
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