Chandra Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. इस दौरान चंद्रमा का एक बड़ा हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाएगा. ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का करीब 93 फीसदी हिस्सा छाया में रहेगा, जिससे उसका कुछ हिस्सा तांबे या लाल रंग का दिखाई दे सकता है.
चंद्र ग्रहण 2026 का समय
भारतीय समय के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण की मुख्य अवस्थाएं सुबह के समय होंगी:
- आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू: सुबह 8:04 बजे
- आंशिक ग्रहण समाप्त: सुबह 11:21 बजे
- आंशिक ग्रहण की अवधि: करीब 3 घंटे 18 मिनट
क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा. ग्रहण के समय भारत में सुबह होगी, इसलिए चंद्रमा आसमान में दिखाई नहीं देगा.
क्या भारत में लगेगा चंद्र ग्रहण का सूतक काल?
चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. ऐसे में लोगों को सूतक से जुड़े नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं होगी. इस दिन अन्य दिनों की तरह पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे.
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई देगा:
- पश्चिमी एशिया के कुछ हिस्सों में
- दक्षिणी अमेरिका
- अफ्रीका
- यूरोप
क्यों लाल दिखाई देता है चंद्रमा?
चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है. जब चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करता है, तब पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरने वाली लाल और नारंगी रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है. इसी वजह से ग्रहण के दौरान चंद्रमा का कुछ हिस्सा तांबे या लाल रंग का दिखाई दे सकता है.
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

