मुंगेली में लगभग एक महीने पहले घर से लापता हुई 7 साल की मासूम बच्ची के अपहरण मामले में अब एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस ने बच्ची का अब तक पता नहीं लगाया था, लेकिन हाल ही में इस मामले ने एक नया मोड़ लिया है। कोसाबाड़ी गांव के पास स्थित श्मशान घाट के निकट पुलिस को एक नरकंकाल और उस स्थान पर बच्चियों जैसे कपड़े मिले हैं, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। कई स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर आशंका जताई है कि यह नरबलि का मामला हो सकता है।
मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने बताया कि श्मशान घाट से मिले नरकंकाल और कपड़ों की डीएनए जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि ये अवशेष उसी लापता बच्ची के हैं, जो 12 अप्रैल को गायब हुई थी। एसपी ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी, और यह सुराग मामले को सुलझाने में मददगार साबित हो सकता है।
बता दें कि 12 अप्रैल की रात को मुंगेली जिले के कोसाबाड़ी गांव से 7 साल की बच्ची का अपहरण कर लिया गया था, जबकि वह अपनी मां के साथ घर के आंगन में सो रही थी। अपहरण के बाद से बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला है, और पुलिस आरोपी का पता लगाने में अब तक सफल नहीं हो सकी है। इस घटना के एक महीने बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चल सका है।
बच्ची को ढूंढने के लिए प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इनाम की घोषणा की है। मुंगेली एसपी ने 10 हजार रुपए, बिलासपुर आईजी ने 30 हजार रुपए, और लोरमी विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी कोमल राजपूत ने 1 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस प्रकार, कुल 1 लाख 40 हजार रुपए का इनाम इस बच्ची के बारे में जानकारी देने वाले को मिलेगा, लेकिन इसके बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

