Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पाकिस्तान सीमा पर होने वाला है कुछ बड़ा,भारत में पहली बार गरजेगा दुनिया का सबसे एडवांस फाइटर जेट…
    • भारत की सबसे बड़ी वित्तीय डिजिटल लेनदेन इंटरफेस यूपीआई की कामयाबी की अनकही कहानी…
    • उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से कोरबा की सड़कों के लिए साढ़े 17 करोड़ स्वीकृत
    • छत्तीसगढ़ में होगी देश की पहली राज्य स्तरीय हॉकी लीग,उप मुख्यमंत्री ने लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का किया अनावरण…
    • ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति
    • प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त, ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित
    • “मेरी सगी बहन नहीं… आज माधुरी जी ने वह कमी पूरी कर दी” : राखी बंधवाकर भावुक हुए मुख्यमंत्री श्री साय
    • कोलंबो में जारी भारत-श्रीलंका के बीच चौथे दिन भी बारिश करेगी फैंस का मजा किरकिरा, जानें कैसा है मौसम को लेकर अपडेट…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, August 26
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»संपादकीय»तो आतंक की परिभाषा…
    संपादकीय

    तो आतंक की परिभाषा…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inFebruary 25, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    भारत आतंकवाद से छिला, जख्मी और असमय मौतों का देश है, लिहाजा आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय नीति का स्वागत है। हम 1980 के दशक से बहुस्तरीय, बहुचेहरी आतंकवाद झेलते आए हैं। उसमें पाकपरस्त इस्लामी, जेहादी आतंकवाद है और पूर्वोत्तर के उग्रवाद भी हैं। खालिस्तानी आतंकवाद का सफाया हो चुका है। उसके बचे-खुचे खाडक़ू पाकिस्तान, कनाडा, अमरीका, जर्मनी आदि देशों में हैं और वे भारत-विरोधी प्रदर्शन करते रहते हैं। देश में नक्सली आतंकवाद ने भी असंख्य लाशें बिछाई हैं, लेकिन आज उसका अस्तित्व भी समाप्ति के कगार पर है। आतंकवाद ने 40-50 हजार जिंदगियां छीनी हैं। दूसरा आंकड़ा 70-80 हजार का है। जो भी हो, ये आंकड़े बेहद भयानक और खौफजदा हैं। यह हमारी सेना, अद्र्धसैन्य बलों और स्थानीय पुलिस की रणनीति का ही कमाल है कि आज भारत में इस्लामी अलगाववाद के अवशेष भी नहीं हैं। जो आतंकी हमले हाल ही में किए गए हैं, वे पाकिस्तानी आतंकियों ने किए हैं। अब जिन साजिशों के सुराग मिल रहे हैं और संदिग्ध आतंकियों की धरपकड़ की जा रही है, वे भी पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद सरीखे आतंकी संगठनों के कथित ‘जेहादी’ हैं। आज पंजाब और पूर्वोत्तर में आतंकवाद नहीं है, कुछ स्थानीय जातीय हिंसक विवाद जरूर हैं, लेकिन आतंकवाद के हत्यारे खतरे जरूर मंडरा रहे हैं, लिहाजा प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक वैश्विक मंच पर आतंकवाद का जिक्र करते हैं और देशों के साथ समझौते करते हैं कि आतंकवाद एक साझा लड़ाई है। मानवता के लिए साझा खतरा है, आओ मिल कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ें। बहरहाल इस संदर्भ में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने देश की सर्वप्रथम आतंकवाद-रोधी राष्ट्रीय नीति की घोषणा की है।

    नाम दिया गया है-‘प्रहार।’ अर्थात् प्रिवेंशन, रिस्पांस एंड हेल्थिंग अप्रोच टू एंटी टेररिज्म। पहली बार डिजिटल खतरे को भी ‘आतंकवाद’ माना गया है। इन खतरों में भारत को निशाना बनाते हुए किए गए साइबर हमले, आपराधिक हैकिंग, डार्क वेब, क्रिप्टो वॉलेट आदि नई तकनीकों के जरिए किए जाने वाले आतंकी वित्तपोषण भी शामिल हैं। इनसे निपटने की रणनीति बनाई जा रही है। ‘प्रहार’ में साफ किया गया है कि भारत आतंकवाद को किसी विशेष संप्रदाय, जातीयता, राष्ट्रीयता अथवा सभ्यता से नहीं जोड़ता। इसका बुनियादी मकसद आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना है। दरअसल ये शब्द सरकार की तरफ से असंख्य बार बोले जा चुके हैं। खासतौर पर आतंकी हमले के बाद ऐसे वक्तव्य सामने आते रहे हैं। बुनियादी और मौजू सवाल, ‘प्रहार’ की घोषणा के बावजूद, यह है कि आतंकवाद की परिभाषा क्या है? संयुक्त राष्ट्र भी आज तक यह परिभाषा स्पष्ट नहीं कर सका है। यदि भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय नीति की घोषणा की है, तो आतंकवाद की परिभाषा भी स्पष्टत: बतानी चाहिए, क्योंकि देश को एक निश्चित ‘सुरक्षा सिद्धांत’ की जरूरत है। परिभाषा के अभाव में ‘प्रहार’ महज एक नीतिगत वक्तव्य से अधिक कुछ नहीं लगता। सवाल राष्ट्रीय नीति और उसकी स्वीकार्यता का है। देशवासी जानना चाहेंगे कि आतंकवाद का खतरा बाहर और भीतर से कितना है और सरकारी एजेंसियां किस तरह इन खतरों से निपट रही हैं?

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ‘नशे की तस्करी में’ अब छात्रों एवं महिलाओं की बढ़ती भागीदारी!

    August 25, 2026

    क्या महंगी चीनी आयात का कारण ?

    August 24, 2026

    ‘नशा छुड़ाने के नाम पर देश में चल रहे’ अवैध अड्डों में उत्पीड़न भी जारी!

    August 23, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.