पूर्व राष्ट्रपति के नाम के मेडिकल कॉलेज का नाम बदलेगी सरकार, जानें वजह

असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रदेश के हिमंत बिस्वा सरमा ने फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का नाम बदल दिया। दरअसल, यह कॉलेज भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के नाम पर रखा गया था।
सीएम हिमंत सरमा ने बताई वजह
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि राज्य के बाकी मेडिकल कॉलेजों के नाम उस जगह के नाम पर हैं जहां वे स्थित हैं। लेकिन बारपेटा में स्थित यह कॉलेज किसी व्यक्ति के नाम पर था, जिससे लोगों को भ्रम होता था कि यह शायद निजी (निजी) मेडिकल कॉलेज है। सीएम सरमा ने कहा कि इसलिए कैबिनेट ने फैसला किया कि अब इस संस्थान का नाम बरपेटा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रखा जाएगा।
हालांकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि फखरुद्दीन अली अहमद भारत के राष्ट्रपति रह चुके हैं और असम से इस पद तक पहुंचने वाले वे अकेले व्यक्ति हैं। इसलिए उनके सम्मान में राज्य के किसी अन्य बड़े अकादमी या सांस्कृतिक संस्थान का नाम बाद में उनके नाम पर रखा जाएगा।
2011 में बनाया गया था मेडिकल कॉलेज
दरअसल, यह मेडिकल कॉलेज 2011 में बनाया गया था। यह प्रदेश का पांचवां मेडिकल कॉलेज है। यहां MBBS और पोस्टग्रेजुएट दोनों तरह की पढ़ाई होती है। अस्पताल में 500 बेड हैं और MBBS की 125 सीटें उपलब्ध हैं। फखरुद्दीन अली अहमद भारत के पांचवें राष्ट्रपति (1974–1977) थे। उनके कार्यकाल में 1975 में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू किया गया था, जो उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर घोषित किया गया था।



