
राजिम- आधुनिक दौर में जहां शादियों में महंगी गाडिय़ां और भव्य व्यवस्थाएं आम हो गई हैं, वहीं राजिम क्षेत्र में एक बार फिर पारंपरिक अंदाज में बैलगाडिय़ों से निकली बारात लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई। ग्राम रावन निवासी हृदय राम साहू के सुपुत्र डोमन साहू की बारात पारंपरिक बैलगाडिय़ों से ग्राम परसदा जोशी के लिए रवाना हुई। सादगी और ग्रामीण संस्कृति से सजी इस अनोखी बारात ने पूरे क्षेत्र का ध्यान खींचा। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस दृश्य का स्वागत किया और पुरानी परंपराओं को जीवित रखने की सराहना की।
विधायक रोहित साहू ने कहा कि हमारी ग्रामीण संस्कृति और परंपराएं ही हमारी असली पहचान हैं। आधुनिकता के साथ यदि हम अपनी परंपराओं को भी जीवित रखें, तो यह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक होगा। भाजपा जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि आजकल विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, लेकिन ऐसे पारंपरिक आयोजन समाज को सादगी और संस्कृति से जोडऩे का संदेश देते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव ने भी कहा कि गांव की परंपराओं को जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इससे समाज में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।
दूल्हा डोमन साहू ने बताया कि उन्होंने अपनी शादी को यादगार बनाने और ग्रामीण संस्कृति को सम्मान देने के लिए पारंपरिक बैलगाड़ी से बारात ले जाने का निर्णय लिया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि नेहरू साहू, जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव, वरिष्ठ भाजपा किसान नेता मनीष हरित, पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल सिन्हा, महेश साहू, बाबूलाल साहू, धनेश साहू, रेखराज साहू, दीपक साहू, किशोर साहू, राकेश साहू, द्वारिका साहू, पार्षदगण आकाश राजपूत, भारत यादव, बलराम निषाद, सुरेश पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। पारंपरिक बैलगाडिय़ों से निकली यह बारात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू भी दूल्हे के साथ बैलगाड़ी में बैठकर बारात में शामिल हुए। विधायक के बैलगाड़ी में सवार होकर बारात में शामिल होने से यह आयोजन और भी खास बन गया।



