खानपान-सेहत

मां-पिता सुधार लो अपनी डाइट, नहीं तो Sperm Qualityसे बच्चे पर भी…

डेस्क: बहुत कम लोग जानते हैं कि पिछले 40 सालों में पुरुषों  के स्पर्म काउंट में लगातार गिरावट आई है। फिर भी, ज़्यादातर पुरुषों के दिमाग में स्पर्म की सेहत सबसे आखिरी चीज़ होती है। पोषण का स्पर्म पर क्या असर होता है, यह तो हमारी सामूहिक सोच से भी बहुत दूर है। एक स्टडी बताती है कि पिछले 40 सालों में औसत स्पर्म काउंट में 59 प्रतिशत की गिरावट आई है।आपको जानकर हैरानी होग कि  डाइट भी इसका सबसे बड़ा कारण है।पुरुषों की खान-पान की आदतें सीधे तौर पर स्पर्म क्वालिटी और भविष्य में बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकती हैं।


 क्यों गिर रहे हैं स्पर्म काउंट ?

नहीं जानता कि स्पर्म काउंट इतनी तेज़ी से क्यों गिर रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि स्पर्म इसलिए खत्म हो रहे हैं क्योंकि पुरुष लैपटॉप को अपनी गोद में रखकर इस्तेमाल करते हैं। दूसरे लोग इसका दोष पैंट की जेब में रखे सेल फ़ोन से निकलने वाली गर्मी को देते हैं। मोटापा भी एक संभावित कारण हो सकता है। कुछ डॉक्टरों की मानें तो पुरुषों के स्पर्म की गुणवत्ता जैसे उनकी संख्या, गति (motility) और DNA खाने-पीने पर निर्भर करती है। खराब डाइट से Oxidative Stress बढ़ता है, जिससे स्पर्म कमजोर हो सकते हैं।


 अच्छी डाइट से मिलते हैं ये फायदे

अगर आप सही चीजें खाते हैं, तो स्पर्म की संख्या और ताकत बढ़ती है, DNA डैमेज कम होता है। भविष्य में बच्चे के जन्म दोष (birth defects) का खतरा घट सकता है। ऐसे में  एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड संतरा, बेरीज, अनार पालक, ब्रोकली खानी चाहिए ये  फ्री रेडिकल्स से बचाकर स्पर्म को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा अखरोट, अलसी के बीज, मछली स्पर्म की मूवमेंट (motility) सुधारते हैं। कद्दू के बीज, बादाम, दालें  हार्मोन बैलेंस और स्पर्म प्रोडक्शन के लिए जरूरी। वहीं  हरी पत्तेदार सब्जियां भी स्पर्म DNA को सुरक्षित रखने में मदद


ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे पुरुषों को बचना चाहिए

जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड: इससे मोटापा और हार्मोन असंतुलन बढ़ता है

ज्यादा शुगर और ट्रांस फैट: इससे स्पर्म की क्वालिटी खराब हो सकती है

अल्कोहल और स्मोकिंग:  ये स्पर्म काउंट और DNA को नुकसान पहुंचाते हैं


 बच्चे की हेल्थ पर असर

नई रिसर्च के अनुसार, पिता की डाइट का असर बच्चे के इम्यून सिस्टम, मेटाबॉलिज्म, मानसिक विकास पर भी पड़ सकता है।  यानी सिर्फ मां ही नहीं, पिता की सेहत भी उतनी ही जरूरी है। याद रखें“Healthy father = Healthy baby”। अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो कम से कम 3 महीने पहले से अपनी डाइट सुधारना शुरू करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Related Articles

Back to top button