Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या करने वाले शूटर UP से गिरफ्तार
    • ममता को बायो में Ex-CM मंजूर नहीं, शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनते ही दिया नया परिचय
    • रविशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति
    • सफलता की कहानी-बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम
    • सायंतन बनर्जी जन्म से नेत्रहीन,लेकिन उन्होंने हौसले से बड़ी मिसाल कायम की आज वह शिक्षक, RJऔर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कर रहे काम…
    • आईपीएल2026:रायपुर में होटलों की बुकिंग 10-10 हजार रुपए तक हुई महंगी, हवाई टिकटों की कीमतें भी बढ़ीं
    • बड़ा अपडेट:तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता साफ, VCK के समर्थन से मिला बहुमत
    • शुभेन्दु अधिकारी के पीए के कत्ल की गुत्थी सुलझाने गुजरात से बुलाई गई जांच टीम
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Monday, May 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»“एशियन गेम्स में पदक मेरा एक अधूरा सपना है,” केआईटीजी उद्घाटन पर बोलीं टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू
    छत्तीसगढ़

    “एशियन गेम्स में पदक मेरा एक अधूरा सपना है,” केआईटीजी उद्घाटन पर बोलीं टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMarch 26, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मणिपुर की जनजातीय खिलाड़ी मीराबाई चानू बोलीं—केआईटीजी बनेगा गेम-चेंजर

    इस साल कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के चलते 48केजी और 49केजी वर्ग के बीच बदलना होगा

    रायपुर- पिछले एक दशक से सैखोम मीराबाई चानू भारतीय वेटलिफ्टिंग का बड़ा नाम रही हैं। इस दौरान उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक, तीन विश्व चैंपियनशिप पदक और तीन कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीते हैं।

    लेकिन एक उपलब्धि अब भी उनसे दूर है—एशियाई खेलों का पदक।

    मीराबाई ने पहली बार 19 साल की उम्र में 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था, जहां वह नौवें स्थान पर रहीं। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स से उन्हें पीठ की चोट के कारण हटना पड़ा।

    2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में वह पदक के बहुत करीब पहुंचीं, लेकिन कूल्हे की चोट के कारण उनका सपना टूट गया। इस चोट के कारण वह लगभग पांच महीने तक खेल से बाहर रहीं।

    31 वर्षीय मीराबाई ने इसके बाद शानदार वापसी की और 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया, जहां वह लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीतने से थोड़ा चूक गईं। अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स में पदक जीतने पर है।

    मीराबाई ने कहा, “एशियन गेम्स मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां मेरा अधूरा सपना है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जो इसे और चुनौतीपूर्ण बनाता है।”

    उनके लिए एक बड़ी चुनौती वेट कैटेगरी बदलना भी है। वह आमतौर पर 49 किलोग्राम वर्ग में खेलती हैं, लेकिन नियमों में बदलाव के कारण अब उन्हें 48 और 49 किलोग्राम के बीच बदलाव करना होगा।

    वह 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में खेलेंगी। इसके बाद 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी।

    उन्होंने साई मीडिया से कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं अपना वजन 48 किलोग्राम में रखूंगी, लेकिन उसके दो महीने बाद एशियन गेम्स 49 किलोग्राम में हैं, इसलिए मुझे फिर से बदलना होगा।”

    मीराबाई ने 2026 सीजन की शुरुआत फरवरी में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप से की, जहां उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए।

    उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाया। कुल 205 किलोग्राम के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।

    मीराबाई ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत की सराहना करते हुए कहा कि यह दूर-दराज के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच है।

    उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना गर्व की बात है। इससे दूर-दराज के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय क्षेत्रों में बहुत प्रतिभा है, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता।”

    उन्होंने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी तारीफ की।

    उन्होंने कहा, “इन केंद्रों में खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रेनिंग, पोषण और सुविधाएं मिलती हैं। यहां कई युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। ये केंद्र भारतीय खेलों को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।”

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    रविशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

    May 9, 2026

    सफलता की कहानी-बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम

    May 9, 2026

    आईपीएल2026:रायपुर में होटलों की बुकिंग 10-10 हजार रुपए तक हुई महंगी, हवाई टिकटों की कीमतें भी बढ़ीं

    May 9, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.