राष्ट्रीयराजनीति

फिर टले राजस्थान निकाय चुनाव! क्या है देरी की वजह?

राजस्थान में पंचायती राज और नगर निकाय के चुनावों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. अब एक बार फिर OBC आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है. ये तीसरा मौका है जब आयोग का कार्यकाल बढ़ा है. OBC आयोग को सरकार को रिपोर्ट सौंपनी थी. 

पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव में आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा जिसके लिए OBC आयोग का गठन किया गया था. OBC आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा उसके बाद ही प्रदेश में चुनाव हो सकेंगे. अब ऐसे में एक बार फिर आयोग का कार्यकाल बढ़ाने से सितंबर तक चुनाव की संभावना नजर नहीं आती.

एक बार फिर टले राजस्थान पंचायत चुनाव

पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव एक बार फिर टलते हुए नजर आ रहे हैं. इससे पहले हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. परंतु OBC आयोग की रिपोर्ट नहीं आने का हवाला देकर सरकार ने कोर्ट में अपनी बात रखी.

आपको बता दें 9 मई 2025 को OBC आयोग का गठन हुआ था. तब तीन माह में आयोग को सरकार को रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन काम पूरा होने से दिसंबर 2025 तक फिर से कार्यकाल को बढ़ाया गया. जब दिसंबर में भी काम अधूरा रहा तो फिर 31 मार्च 2026 तक कार्यकाल बढ़ा. अब भी आयोग का काम अधूरा रहने से सीधे 6 माह के लिए कार्यकाल बढ़ाया गया है. 

अब 30 सितंबर तक आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. ऐसे में मनोनीत अध्यक्ष और सदस्यों को अभी कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ा है. जब तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं दे देता तब तक प्रदेश में चुनाव संभव नहीं है.

चुनाव में देरी पर विपक्ष हमलावर

प्रदेश में लगातार चुनाव में हो रही देरी को लेकर सरकार पर विपक्ष भी हमलावर है. PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव से बचना चाहती है. प्रदेश में सरकार के खिलाफ आमजन में आक्रोश है.

ऐसे में डर के कारण सरकार चुनाव नहीं करवा रही. सरकार की मनमर्जी के कारण हजारों करोड़ रुपये का फंड जो केंद्र सरकार से मिलता है. उस पर भी संकट है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर गहरा असर पड़ेगा.

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