फैक्ट्री में जोरदार धमाका,1 की मौत, मलबे के ढेर में तब्दील हुई इमारत

लुधियाना – लुधियाना देहाती के गांव जोधां इलाके में मंगलवार रात उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक रिहायशी इमारत में चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री भीषण धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतक मोहम्मद कैफ़ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड के अलावा सेना की टुकड़ी को भी मोर्चा संभालना पड़ा है।
घटना की जानकारी देते हुए फायर ऑफिसर रजिंदर ने बताया कि रात करीब 8:20 बजे सूचना मिली थी कि जोधां सरकारी स्कूल के पास एक बिल्डिंग ब्लास्ट के बाद गिर गई है। मुल्लापुर और लुधियाना से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से निकाले गए एक युवक को गंभीर हालत में लुधियाना के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक महिला और एक अन्य व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि इस ‘बेहड़े’ यानी रिहायशी परिसर में गुपचुप तरीके से पटाखे बनाने का काम चल रहा था और हादसे के वक्त वहां 17 से 18 लोग मौजूद थे।
धमाके की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन, मृतक युवक के पिता जमील का कहना है कि शाम को अचानक तेज आंधी चली और आसमानी बिजली गिरने से शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसके तुरंत बाद सिलेंडर फट गया। हालांकि, प्रशासनिक जांच और मौके के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। तहसीलदार कर्मजीत सिंह ने बताया कि यह पूरी इमारत एक ठेकेदार ने किराए पर ली हुई थी और यहां भारी मात्रा में ‘पोटाश’ और अन्य विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। रिहायशी इलाके के बीचों-बीच मौत का यह सामान अवैध रूप से जमा किया गया था, जो इस बड़े हादसे का कारण बना। बिल्डिंग के मलबे में अभी भी विस्फोटक पदार्थ होने की आशंका के चलते सेना के अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। सेना के अधिकारी पुष्प राज ने बताया कि अंधेरा होने और इमारत के पूरी तरह धराशायी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में सावधानी बरती जा रही है। मौके पर अभी भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पड़ी है, जिसे बुधवार सुबह सुरक्षित तरीके से हटाया जाएगा। फिलहाल थाना जोधा की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर घनी आबादी के बीच पटाखों का यह अवैध कारोबार किसकी शह पर फल-फूल रहा था।



