छोटा उदयपुर: गुजरात के छोटा उदयपुर जिले के रासली गांव में एक पिता अपनी चार साल की बेटी की जान बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गया। आदिवासी सुरेश राठवा ने बिना किसी हथियार के खतरनाक तेंदुआ से सीधी भिड़ंत कर ली। दरअसल बुधवार को सुरेश राठवा की छोटी बेटी घर के पिछले आंगन में खेल रही थी। तभी अचानक एक तेंदुआ वहां आ पहुंचा और उसने बच्ची पर हमला कर दिया। देखते ही देखते तेंदुआ उसे अपने जबड़ों में दबोचकर घसीटते हुए ले जाने लगा। घर के अंदर मौजूद राठवा की पत्नी ने जैसे ही यह खौफनाक दृश्य देखा, वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं।
बिना किसी हथियार के तेंदुए से भिड़ा बाप
पत्नी की आवाज सुनते ही सुरेश राठवा तुरंत बाहर दौड़े। सामने का दृश्य बेहद डरावना था, लेकिन वो बिना घबराए तेंदुए से भिड़ गए। राठवा ने तेंदुए पर छलांग लगा दी और अपनी बेटी को बचाने की कोशिश में जुट गए। उन्होंने एक हाथ से अपनी बच्ची को पकड़ा और दूसरे हाथ से तेंदुए पर लगातार वार किए। तेंदुआ बेहद आक्रामक था और वह बार-बार राठवा पर अपने तेज पंजों से हमला करने की कोशिश कर रहा था। इसके बावजूद राठवा ने हिम्मत नहीं हारी और पूरी ताकत से संघर्ष करते रहे। आखिरकार, उन्होंने तेंदुए के जबड़े जबरदस्ती खोल दिए और बच्ची उसकी पकड़ से छूट गई।
सुरेश राठवा ने बहादुरी दिखाते हुए अपने हाथों से तेंदुए के जबड़े को खोल दिया और अपनी बच्ची की जान बचा ली।
पावी जेतपुर के वन अधिकारी जयदीप सोलंकी
डरकर खेतों में भागा तेंदुआ
कुछ ही पलों के इस संघर्ष के बाद तेंदुआ डरकर खेतों की ओर भाग गया। हालांकि इस हमले में बच्ची को चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उसका इलाज सही तरीके से चल रहा है और वह अब खतरे से बाहर है। वहीं इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमले के कुछ घंटों बाद तेंदुए को फिर से इलाके में देखा गया। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगा दिए हैं।

