भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की पहली प्रांतीय कार्यसमिति बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित
सितंबर में बिलासपुर में होगी अगली बैठक
रायपुर, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रथम प्रांतीय कार्यसमिति की भव्य बैठक बुधवार 20 मई 2026 को मधुपिल्ले चौक, शांतिनगर स्थित विमतारा भवन रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी, राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महासंघ के संरक्षक एवं आजीवन सदस्य, पूर्व बीजापुर कलेक्टर सेवानिवृत्त आईएएस अनुराग पाण्डेय द्वारा भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ कार्य करने वाला ऐसा संगठन बन चुका है, जिसने ईमानदारी, अनुशासन एवं निष्ठा के आधार पर अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का पेंशनर समाज महासंघ के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा है क्योंकि यही संगठन पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष करने की क्षमता रखता है। उन्होंने सभी पेंशनरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययता संदेश का पालन करने का भी आह्वान किया।
प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने महासंघ की सदस्य संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक होने पर सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने संगठन के उद्देश्य, कार्ययोजना एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए 3 अगस्त स्थापना दिवस एवं 17 दिसंबर राष्ट्रीय पेंशनर दिवस को पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। बैठक में बिलासपुर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने आगामी प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक सितंबर 2026 में बिलासपुर में आयोजित करने की सहमति प्रदान की, जिसका उपस्थित सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
कार्यसमिति की बैठक में महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष द्रौपदी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, उच्च शिक्षा पेंशनर कल्याण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. महेश चंद्र शर्मा, विश्वविद्यालय पेंशनर कल्याण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एन.के. चौबे, विधि सलाहकार एडवोकेट पूरनसिंह, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एस.सी. श्रीवास्तव, पी.आर. साहू, कार्यालय मंत्री अनिल पाठक, संभागीय अध्यक्ष बिलासपुर राजेंद्र कश्यप, संभागीय अध्यक्ष सरगुजा गुरुचरण सिंह, अवधराम धृतलहरे सहित अनेक पदाधिकारियों ने पेंशनर्स हितों एवं संगठन विस्तार को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने किया तथा महासंघ के प्रतीक चिन्ह (लोगो) की महत्ता पर प्रकाश डाला। संगठन मंत्री टी. पी. सिंह ने संगठन गीत का सामूहिक गायन कराते हुए जिला बैठकों की शुरुआत भारतमाता आराधना गीत से करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान के लिए सबके प्रति आभार प्रदर्शन महामंत्री अनिल गोल्हानी ने किया।
बैठक के अंत में महासंघ के 13 दिवंगत पदाधिकारियों एवं सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया तथा राष्ट्रगान “जन-गण-मन” के गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम उपरांत चाय एवं झालमुड़ी के विशेष आयोजन का सभी उपस्थितजनों ने आत्मीय वातावरण में आनंद लिया।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से राज्य सेवा के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई राहत (डीआर) देने, पेंशन मामलों में दोहरी नीति समाप्त करने, 88 माह के बकाया डीआर एरियर के अंतरिम भुगतान, धारा 49(6) की बाध्यता समाप्त करने, “न मांग न जांच” प्रमाणपत्र समय पर जारी करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, हाईकोर्ट के निर्देश के परिपालन में दैनिक वेतन भोगी की संपूर्ण सेवा को पेंशन गणना में शामिल करने तथा छठवें वर्तमान और सातवें वेतन मान का 36 महीने और 32 महीने का एरियर भुगतान करने, 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृद्धि, पेंशन कल्याण मंडल का पुनर्गठन, वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा में रियायत, कम्यूटेशन वसूली अवधि घटाने, सेवानिवृत्ति के दिन सभी भुगतान सुनिश्चित करने, आधिक्य वसूली पर रोक, पृथक पेंशन सुविधा केंद्रों की स्थापना, सभी जिला और संभाग मुख्यालय में पेंशन कार्यालय की स्थापना, वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंडल का गठन तथा पेंशनरों के निधन पर परिजनों को 25 हजार रुपये की एग्रेसिया सहायता राशि प्रदान करने जैसी मांगें शामिल हैं।
महासंघ ने स्पष्ट कहा कि पेंशनरों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

