चेन्नई : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई बड़े दिल्ली की वीर भूमि पहुंचे। यहां पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। केरल में कांग्रेस के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, तेलंगाना में रेवंत रेड्डी और कर्नाटक में सिद्धारमैया ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को लेकर सवाल उठे। विजय सरकार में गुरुवार को ही कांग्रेस के दो विधायकों को शामिल किया गया। विजय ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देना तो दूर, उनका जिक्र तक नहीं किया।
थलपति विजय का राजीव गांधी को श्रद्धांजलि न इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि तीन दिन पहले ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मुल्लीवाइक्कल स्मरण दिवस के अवसर पर दुनिया भर में बसे तमिल लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने प्रभाकरन को श्रद्धांजलि भी दी थी।
तीन दिन पहले थी प्रभाकरन की पुण्यतिथि
हाल ही में चुने गए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय ने बीते सोमवार को तब एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जब उन्होंने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वी. प्रभाकरन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 18 मई, 2009 को, LTTE नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन की मुत्यु हो गई थी। विजय ने प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हम मुल्लीवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में संजोकर रखेंगे! हम समुद्र पार रहने वाले अपने तमिल भाई-बहनों के अधिकारों के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे!
क्या है लिबरेशन टाइगर्स ऑफ ईलम पार्टी?
लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE), प्रभाकरन द्वारा स्थापित एक अलगाववादी उग्रवादी संगठन है, जिसका भारत में एक विवादित इतिहास रहा है। इसकी स्थापना 1976 में श्रीलंका में तमिल ईलम नामक एक स्वतंत्र तमिल मातृभूमि बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इस समूह का दावा था कि श्रीलंकाई तमिलों को सिंहली-बहुसंख्यक सरकार के हाथों भेदभाव और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुछ वर्षों में यह संगठन हिंसक हमलों, राजनीतिक हत्याओं और आत्मघाती बम धमाकों के लिए कुख्यात हो गया। भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों ने इसे एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया।
LTTE पर भारत में भी प्रतिबंध लगा हुआ है। 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में कथित तौर पर इसी संगठन की संलिप्तता थी। भारतीय जांच एजेंसियों ने प्रभाकरन को उस आत्मघाती बम धमाके के पीछे के मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं में से एक के रूप में नामित किया था। राजीव गांधी की तमिलनाडु में एक चुनाव प्रचार के दौरान हत्या कर दी गई थी।
सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स भड़के
विजय की पोस्ट पर लोगों का ध्यान जाने के बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स के एक तबके ने निराशा जाहिर की और एक्टर की राजनीति की आलोचना की। एक यूज़र ने लिखा कि यह किस तरह की राजनीति है। कांग्रेस के समर्थन से विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने, और अब वे उसी आतंकवादी संगठन को श्रद्धांजलि दे रहे हैं जो उनका दुश्मन था। के कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि राहुल के दोस्त टीवीके विजय ने राजीव गांधी के हत्यारे प्रभाकरन को दी श्रद्धांजलि। आप राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। TVK INDI सदस्य नहीं था। सत्ता का लालच बहुत बुरा होता है। कोई भी समझौता कर लेती है कांग्रेस।
राहुल गांधी को जमकर सुनाई
बीजेपी के एक नेता ने लिखा कि 2-3 दिन पहले, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय जोसेफ़ ने राजीव गांधी की हत्या के मास्टरमाइंड प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी थी। और आज, उनके गठबंधन के साथी राहुल गांधी अपनी मां और बहन के साथ मिलकर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनकी याद में आंसू बहा रहे हैं। हां, हम जानते हैं कि आप कितने दुखी हैं… और आप उन्हें कितना याद करते हैं…
एक अन्य यूजर ने राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की और लिखा कि आज राजीव गांधी के स्मारक पर राहुल गांधी ने कहा, पापा, आपकी याद आती है। वहीं दूसरी ओर, उनके अपने ही गठबंधन के साथी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, LTTE प्रमुख प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने में व्यस्त थे। वही व्यक्ति जिस पर राजीव गांधी की हत्या का आरोप है।
जारा उस “राजनीतिक प्रतिबद्धता” के स्तर की कल्पना कीजिए, जहां गठबंधन की राजनीति आपके अपने पिता की हत्या से भी ज़्यादा अहम हो जाती है। कांग्रेस ने पहले TVK को सरकार बनाने के लिए पूरा समर्थन दिया… और अब वे यह भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि राजीव गांधी के लिए मोमबत्तियां जलाएं या उनके हत्यारे के लिए माला चढ़ाएं।

