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    Home»अजब गजब»भारत के वो गांव, जहां पानी से भी ज्यादा मशहूर है शराब, हर घर में मिलता है पौव्वा
    अजब गजब

    भारत के वो गांव, जहां पानी से भी ज्यादा मशहूर है शराब, हर घर में मिलता है पौव्वा

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJune 2, 2026
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    ntresting Facts: भारत अपने विविध रीति-रिवाजों, संस्कृति और अनोखी परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. देश के अलग-अलग राज्यों में ऐसी कई परंपराएं देखने को मिलती हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं. उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर का एक गांव भी अपनी एक खास परंपरा के कारण चर्चा में रहता है. यहां के कई परिवार पीढ़ियों से पारंपरिक तरीके से स्थानीय शराब तैयार करते आ रहे हैं, जो गांव की पहचान का अहम हिस्सा बन चुकी है.

    मणिपुर की राजधानी इम्फाल से कुछ दूरी पर स्थित आंद्रो गांव अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शराब निर्माण की कला के लिए प्रसिद्ध है. यहां कई परिवार घरों में ही स्थानीय पेय तैयार करते हैं. यह केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही परंपरा मानी जाती है. गांव में आने वाले पर्यटक भी इस अनोखी संस्कृति को करीब से देखने में रुचि दिखाते हैं.

    इसी तरह सेकमाई गांव भी अपने पारंपरिक पेय पदार्थों के लिए जाना जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां खास विधि से तैयार की जाने वाली चावल आधारित शराब लंबे समय से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है. गांव के कई परिवारों की आजीविका भी इसी परंपरा से जुड़ी हुई है. यही कारण है कि यहां स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पेय पदार्थों की काफी मांग रहती है.

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह परंपरा केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. शादी-विवाह, त्योहारों और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों में इन पारंपरिक पेयों का विशेष महत्व माना जाता है. कई परिवारों में इसके निर्माण की तकनीक पीढ़ियों से चली आ रही है.

    हालांकि, बदलते समय के साथ आधुनिक जीवनशैली और सरकारी नियमों का प्रभाव भी इन गांवों पर पड़ा है. इसके बावजूद स्थानीय लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं. यही वजह है कि आंद्रो और सेकमाई जैसे गांव आज भी अपनी अनोखी परंपराओं के कारण देशभर में चर्चा का विषय बने रहते हैं.

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे गांव भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं. यहां आने वाले पर्यटकों को न केवल स्थानीय जीवनशैली देखने का अवसर मिलता है, बल्कि वे उन परंपराओं को भी समझ पाते हैं, जो सदियों से लोगों के जीवन का हिस्सा रही हैं. यही कारण है कि मणिपुर के ये गांव भारतीय लोक संस्कृति और विरासत के अनोखे उदाहरण माने जाते हैं.

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