आजकल जहां ज्यादातर बच्चे जिस उम्र में सोशल मीडिया या खेल-कूद में व्यस्त हैं, वहीं भारत के पुणे मूल के जैनम जैन ने अपनी मेहनत और जुनून से दुनिया को हैरान कर दिया है. जैनम इस समय दुबई की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में बैठकर अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) चला रहे हैं.
कैसे शुरू हुआ यह सफर?
जैनम का जन्म पुणे में हुआ था. करीब पांच साल की उम्र में उनका परिवार दुबई चला गया. बचपन से ही उनके घर का माहौल ऐसा था, जहां बच्चों को नई चीजें सीखने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया जाता था. महज छह साल की उम्र में जैनम अपने पिता के साथ एक बिजनेस मीटिंग में गए. यहीं से उनके मन में बिजनेस और टेक्नोलॉजी को लेकर रुचि पैदा हुई.
क्या-क्या चुनौतियां पूरी की?
जैनम और उनकी बहन ने खुद को बेहतर बनाने के लिए कई अनोखे लक्ष्य तय किए.
उन्होंने कई बड़े चैलेंज पूरे किए, जैसे-
- 50 दिनों में 50 नेटवर्किंग इवेंट्स में हिस्सा लिया.
- 50 दिनों में 50 सेल्फ-इम्प्रूवमेंट किताबें पढ़ीं.
- साल 2022 में महाराष्ट्र में 50 दिनों के भीतर 120 मोटिवेशनल कार्यक्रम किए.
- इस दौरान 6,000 किलोमीटर से ज्यादा यात्रा की और 50,000 से अधिक लोगों तक पहुंचे.
इन कार्यक्रमों में दोनों भाई-बहन ने स्कूलों, कॉलेजों, एनजीओ और कई संस्थानों में जाकर उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप), पब्लिक स्पीकिंग और सेल्फ-कॉन्फिडेंस जैसे विषयों पर लोगों को प्रेरित किया.
यूट्यूबर से AI एंटरप्रेन्योर कैसे बने?
जैनम ने सात साल की उम्र में अपनी बहन के साथ JJ Fun Time नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया था. शुरुआत में वे टॉय अनबॉक्सिंग वीडियो बनाते थे, बाद में साइंस एक्सपेरिमेंट भी दिखाने लगे. केवल तीन महीने में उनके चैनल के एक लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हो गए. 12 साल की उम्र में उन्होंने जल्दी स्कूल पूरा करने का फैसला किया. उन्होंने कैम्ब्रिज IGCSE परीक्षा की तैयारी की और सिर्फ करीब 105 दिनों की तैयारी के बाद 13 साल की उम्र में 10वीं पास कर ली. उनकी छोटी बहन ने भी यह उपलब्धि सिर्फ 10 साल की उम्र में हासिल की.
अब क्या कर रहे हैं जैनम?
जैनम ने Mengo Engine नाम का AI प्लेटफॉर्म बनाया है, जो कारोबार से जुड़े कई कामों को आसान बनाने का दावा करता है. यह मार्केटिंग, कंटेंट तैयार करने, ग्राहक से संवाद और सेल्स जैसे कामों को ऑटोमेट करने पर काम कर रहा है. फिलहाल यह प्लेटफॉर्म बीटा चरण में है और करीब 100 बिजनेस इसकी वेटिंग लिस्ट में हैं. लीगल रीजन्स से उनके पिता कंपनी के को-फाउंडर हैं, लेकिन जैनम का कहना है कि वह खुद ही कंपनी के ज्यादातर काम संभालते हैं. खास बात यह है कि उन्होंने AI की कोई फॉर्मल पढ़ाई नहीं की. उन्होंने यूट्यूब, लगातार प्रयोग और अपनी जिज्ञासा के दम पर यह सफर तय किया.

