दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के संरक्षण और विकास से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण सरकारी निकाय को नई पहचान देने का फैसला किया है. अब तक शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) के नाम से काम करने वाली संस्था अब इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) के नाम से जानी जाएगी.
सरकार का कहना है कि यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि दिल्ली की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ने की एक व्यापक सोच का हिस्सा है. इससे राजधानी के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताई सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार विकास और विरासत संरक्षण को एक-दूसरे का पूरक मानती है. उनका कहना है कि पुरानी दिल्ली केवल राजधानी का एक इलाका नहीं, बल्कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है. सरकार का उद्देश्य यहां की विरासत को सुरक्षित रखते हुए सड़क, पेयजल, सीवर, साफ-सफाई और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाना है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिल सके.
इंद्रप्रस्थ नाम क्यों चुना गया?
सरकार के अनुसार ‘इंद्रप्रस्थ’ दिल्ली के प्राचीन इतिहास से जुड़ा ऐसा नाम है, जो राजधानी की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है. इसी सोच के तहत निगम का नया नाम रखा गया है, ताकि दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत किया जा सके. इस प्रस्ताव को पहले एसआरडीसी बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिली और बाद में सरकार ने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि संस्था की जिम्मेदारियां पहले की तरह ही रहेंगी. निगम ऐतिहासिक इमारतों, धार्मिक स्थलों, पारंपरिक बाजारों और विरासत क्षेत्रों के संरक्षण के साथ-साथ सड़क, सीवर, पेयजल, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं के विकास का काम करता रहेगा.
चांदनी चौक समेत विरासत क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में चांदनी चौक और उससे जुड़े ऐतिहासिक इलाकों में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होगी. ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. लक्ष्य यह है कि पुरानी दिल्ली का ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे, लेकिन वहां रहने वाले लोगों को आधुनिक शहर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हों.
स्थानीय लोगों ने फैसले का किया स्वागत
इस फैसले का स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है. चांदनी चौक नागरिक मंच के महामंत्री और दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि यह पुरानी दिल्ली के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी. उनके अनुसार, पूर्व में बने शाहजहानाबाद रीडिवेलपमेंट कॉरपोरेशन से अपेक्षित विकास नहीं हो सका, लेकिन अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लोगों को नई उम्मीद जगी है.
उन्होंने कहा कि यदि विरासत संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन बनाकर योजनाएं लागू की जाती हैं तो इससे स्थानीय व्यापार को भी गति मिलेगी, पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. पुरानी दिल्ली की गंगा-जमुनी तहजीब को संरक्षित रखते हुए विकास की नई शुरुआत ही इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य है.

