भारत ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने अभियान का आगाज कर दिया है. 124 सदस्यों वाली भारतीय टीम का लक्ष्य है कि वे काफी कम किए गए कॉम्पिटिशन प्रोग्राम का पूरा फायदा उठाएं. भारत का अभियान शेड्यूल में शामिल दो बॉल्स मैचों के साथ शुरू होगा. ये मैच ग्लासगो 2026 में भारतीय टीम के लिए शुरुआती मुकाबले होंगे, जबकि चार साल में होने वाले इस इवेंट की आधिकारिक शुरुआत दिन में बाद में ओपनिंग सेरेमनी के साथ होगी. 2022 के एडिशन में यादगार मेडल-विनिंग परफॉर्मेंस के साथ इतिहास रचने के बाद, भारतीय लॉन बॉल्स टीम ग्लासगो, स्कॉटलैंड जा रही है. वे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक बार फिर दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं.
सेमीफाइनल में टाफाकी से होगा सामना
भारतीय स्टार महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी लवलीना बोरगोहेन जिन्होंने ओलंपिक में भी पदक को अपने नाम किया है उनका कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में अब सामना टुवालू की टाफाकी से होगा। महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगिरी का यह सेमीफाइनल मैच 31 जुलाई को खेला जाएगा, जिसमें सभी को लवलीना के फाइनल में पहुंचने की उम्मीद जरूर है जिसमें यदि वह ऐसा करने में कामयाब होती हैं तो फिर कम से कम सिल्वर मेडल जीतने की हकदार जरूर हो जाएंगी।
भारतीय दल से इस बार बेहतर प्रदर्शन की है उम्मीद
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ 10 खेलों के इवेंट्स को आयोजन किया जा रहा है और इसी वजह से मेडल इवेंट भी काम कम हो गए हैं। भारतीय दल के सामने पदकों की संख्या को बढ़ाना एक बड़ी चुनौती रहने वाली है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए 125 एथलीट्स का दल भारत से गया है जो अलग-अलग खेलों के इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। 23 जुलाई को ओपनिंग सेरेमनी से पहले दो लॉन बॉल्स मैचों के साथ भारतीय अभियान की शुरुआत होगी तो वहीं। भारतीय दल आठ ऐसे खेलों में हिस्सा लेगा जो आम एथलीटों के लिए हैं इसमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, बॉल्स और स्विमिंग शामिल हैं।
नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू पर अब सभी की नजरें
लवलीना बोरगोहेन का पदक पक्का होने के साथ अब सभी की नजरें स्टार भारतीय जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा के अलावा वेटलिफ्टिंग में कमाल दिखाने वाली मीराबाई चानू पर रहने वाली हैं, जिनसे गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद की जा रही है। पिछली बार भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स जो बर्मिंघम में हुए थे उसमें कुल 61 मेडल जीते थे, जिसमें 22 गोल्ड मेडल शामिल हैं।

