जंतर मंतर पर छात्रों की भीड़ के बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद कलयाण बनर्जी भी शुक्रवार को पहुंच गए। उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया। साथ ही उन्हें एक अहम सलाह भी दी। कल्याण बनर्जी ने कहा कि ये लड़ाई देश के युवाओं की है और हम सब उनके साथ खड़े हैं। बनर्जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- जो लोग लड़ रहे हैं, वे हमारे देश के युवा हैं। हम सब उनकी इस लड़ाई में उनके साथ हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही चाहिए।
‘यह जमीन उन लोगों की है जो उठकर लड़ते’ हैं
बनर्जी ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा- अभी मुख्य मुद्दा नीट पेपर लीक का है, और आपके आंदोलन की बात करें तो हम संघर्ष करने वाले लोग हैं और हम लड़ते रहेंगे। यह जमीन उन लोगों की है जो उठकर लड़ते हैं। उन्होंने साफ कहा- हमारी एक ही स्पष्ट मांग है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। आपको पीछे नहीं हटना है। जब तक वे पद नहीं छोड़ते, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। कोई भी कानून से ऊपर या नीचे नहीं है। वे संविधान के ढांचे को बदलना चाहते हैं। इस बयान के बाद वहां मौजूद सैकड़ों छात्रों में नया जोश भर गया।
महुआ मोइत्रा भी जंतर पर पहुंची
छात्रों का समर्थन करने के लिए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी पहुंची। उन्होंने कहा- जिस दिन हम यहां पहली बार आए थे, हमने आपसे कहा था कि कोई भी नेता यह लड़ाई नहीं लड़ सकता क्योंकि यह आपकी लड़ाई है और इसे सिर्फ आप ही लड़ सकते हैं। महुआ ने कहा- आपने सबको दिखा दिया कि आप ऐसा कर सकते हैं। जो काम हम 12 साल में हम नहीं कर पाए यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधी रात को टेलीप्रॉम्प्टर से पढ़कर वीडियो जारी करने पर मजबूर करना वह आपने कर दिखाया। उन्होंने कहा- आपने अकेले ही यह कर दिखाया। दो कैबिनेट मंत्रियों का बाहर आकर आपसे मिन्नतें करनी पड़ी, यह काम हम नहीं कर पाए, लेकिन आपने उनसे ऐसा करवा दिया।
जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन
पेपर लीक के बाद नीट परीक्षा को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। छात्र लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। जंतर मंतर पर आंदोलन में सैकड़ों युवा जमा हुए हैं। लड़के-लड़कियां दोनों एक स्वर में सरकार से जवाब मांग रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के सभी सांसद मोदी सरकार को घेर रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी साफ कह दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा, तब तक संसद में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होगी।

