नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर फिर से हमला बोला और आरोप लगाया कि पूरा सिस्टम छात्रों के लिए बेहद खतरनाक है। उनका ये ताजा बयान एक महीने से ज्यादा समय तक चले छात्र आंदोलन के बाद आया हैं, जो हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था।
‘एके-47 से चलाई गईं गोलियां’
बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की खबरों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट शेयर की और कहा, “खबरें आ रही हैं कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।”
पीएम मोदी से किया सवाल
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया और कहा, “मिस्टर मोदी आपका वह वादा कहां गया कि छात्रों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? इसके बजाय उन पर जानलेवा हमले किए जा रहे हैं और बर्बरता की जा रही है।”
राहुल ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक छात्रों के मार्च का भी जिक्र किया, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया, “दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं और बिहार में एके-47 का इस्तेमाल हुआ। चाहे उत्तर प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल हो, बिहार हो या दिल्ली हर जगह एक ही पैटर्न देखने को मिल रहा है।”
‘अपनी बात से मुकर जाएगी सरकार’
परीक्षाओं में गड़बड़ियों को दूर करने के मोदी सरकार के प्रयासों पर सवाल उठाते हुए रायबरेली के सांसद ने कहा, “मैंने पहले भी कहा है: यह सरकार बेईमान है। असली सुधार करना उनकी क्षमता से बाहर है। वे अपनी बात से मुकर जाएंगे और छात्रों की आवाज दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “मिस्टर मोदी, देश के छात्रों से माफी मांगें और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने छात्रों पर हमला किया और उन्हें कुचला न कि खुद छात्रों के खिलाफ।”
प्रियंका गांधी वाड्रा ने क्या कहा?
इस बीच, कथित पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से माफी की कांग्रेस की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “मैंने सुना है कि बिहार और बंगाल में छात्रों के खिलाफ अभी भी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। मैंने यह सुना है लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। तो फिर इसका क्या फायदा?”
वकीलों का दावा है कि कथित नीट पेपर लीक मामले में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 22 जुलाई और 25 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हिरासत में लिए गए लगभग 200 छात्र शहर भर के पुलिस स्टेशनों में 24 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रहे।
इस बीच बिहार के सिवान जिले में एक पुलिसकर्मी को 25 जुलाई के बंद के दौरान हुई हिंसा में कथित तौर पर एके-47 राइफल से गोली चलाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया।

