Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त
    • पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर उजियारा, बिजली बिल में बचत से परिवारों को मिल रहा आर्थिक संबल
    • यूसुफ की शाह से अपील, मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई रोकें
    • छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार को मिली रफ्तार, वार्षिक बजट आवंटन बढ़कर ₹7,470 करोड़
    • योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू
    • घर से संदिग्ध हालत में लापता हुईं 2 नाबालिग बहनें, परिवार में चिंता
    • नाबालिग लड़की का अपहरण, दुष्कर्म और फिर गला घोंटकर हत्या
    • शाम को घूमने निकले थे दोनों, नहर में नहाते समय डूबने से कार्तिक और गौरव की गई  जान
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, August 7
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»व्यापार»तकनीकी»दक्षिण एशिया से सेशेल्स तक, भारत ने अपनी अंतरिक्ष कूटनीति का बढ़ाया दायरा
    तकनीकी

    दक्षिण एशिया से सेशेल्स तक, भारत ने अपनी अंतरिक्ष कूटनीति का बढ़ाया दायरा

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 7, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    भारत अपनी अंतरिक्ष क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए स्पेस डिप्लोमेसी (अंतरिक्ष कूटनीति) में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जून 2026 के आखिर में भारत ने सेशेल्स के साथ अंतरिक्ष सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मुलाकात में इसका ऐलान हुआ। समझौते में समुद्र की निगरानी, समुद्री विज्ञान और तटीय प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। दूर से देखने पर यह एक आम तकनीकी समझौता लगता है। लेकिन पिछले दस साल के बाकी फैसलों के साथ जोड़कर देखें तो पता चलता है कि अंतरिक्ष अब भारत की विदेश नीति का सबसे मजबूत और चुपचाप काम करने वाला अहम हिस्सा बन गया है।

    शुरुआत कहाँ से हुई?

    मई 2017 में भारत ने ‘दक्षिण एशिया सैटेलाइट’ लॉन्च किया। यह एक जियोसिंक्रोनस कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। इससे पूरे क्षेत्र में टेली-मेडिसिन, टेली-एजुकेशन, आपदा प्रबंधन और ब्रॉडकास्टिंग जैसी सेवाएँ मिलती हैं। तीन साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इस परियोजना का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने इसे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ पड़ोसी देशों को भारत का तोहफ़ा बताया। भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव और अफ़गानिस्तान इसमें शामिल हुए। पाकिस्तान ने इसे SAARC की साझी पहल न मानकर सिर्फ भारत का तोहफ़ा बताकर मना कर दिया।

    आगे कैसे बढ़ा?

    जनवरी 2019 में भारत ने बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में पांच ग्राउंड स्टेशन बनाने की योजना बताई। बाद में भूटान में एक ग्राउंड स्टेशन बन भी गया। फिजी और वियतनाम में भी ऐसी सुविधाएं बनाने का काम शुरू हुआ। ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के साथ अंतरिक्ष सहयोग मजबूत हुआ। नवंबर 2025 में यूरोपीय संघ के साथ औपचारिक ‘स्पेस डायलॉग’ शुरू किया गया। 2024 की शुरुआत तक भारत ने 61 देशों और पांच बहुपक्षीय संगठनों के साथ अंतरिक्ष सहयोग समझौते कर लिए थे। सेशेल्स इस सूची में नया नाम है। ये समझौते ज्यादातर एक ही मॉडल पर चलते हैं। वो है आसान शर्तों पर सैटेलाइट आधारित सेवाएं देना।

    सॉफ्ट पावर का नया चेहरा

    2014 से भारत छोटे-छोटे व्यावहारिक कदमों से अपना सॉफ्ट पावर पोर्टफोलियो बना रहा है। योग कूटनीति से संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू हुआ। दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशिया में बौद्ध विरासत का इस्तेमाल किया गया। प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव को औपचारिक रूप दिया गया। प्रवासी कूटनीति वहां काम करती है जहां भारतीय रहते हैं। लेकिन सैटेलाइट किसी भी देश को दी जा सकती है। कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन या संसाधनों की मैपिंग ये सब व्यावहारिक ज़रूरतें हैं। इसलिए दक्षिण एशिया से दक्षिण-पूर्व एशिया और अब हिंद महासागर के द्वीपीय देशों तक इसे फैलाना आसान रहा।

    इसकी सीमाएं भी हैं

    भारत किसी देश को ज़मीनी स्टेशन बनाने या तकनीशियन प्रशिक्षित करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। वह पहले से सब कुछ दे देता है और बाकी काम भरोसे पर छोड़ देता है। दबाव बनाने का कोई ज़रिया नहीं होता। इसलिए यह सॉफ्ट पावर धीरे-धीरे और व्यापक रूप से काम करता है। राजनयिक हथियार के तौर पर अंतरिक्ष सहयोग का भारत का बढ़ता इस्तेमाल, सेशेल्स के साथ सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर होने से और मज़बूत हुआ है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    डिजिटल हुए भोले के भक्त, कांवड़ यात्रा में ब्लूटूथ स्पीकर और LED के साथ दिख रहे ये हाई-टेक स्मार्ट गैजेट्स

    August 6, 2026

    WhatsApp का बड़ा अपडेट! आ गए इतने सारे नए फीचर्स

    August 5, 2026

    कार में रखते ही फोन क्यों हो जाता है आग जैसा गर्म? जानें…

    August 4, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.