भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की है कि राज्य में अगले तीन साल तक शराब की कोई नई दुकान नहीं खुलेगी। उन्होंने राज्य से नशीले पदार्थों के सेवन की बुराई को खत्म करने का भी आह्वान किया। रविवार को यहां पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम ‘जीवन जिंदाबाद-2.0’ को संबोधित करते हुए, माझी ने नशीले पदार्थों के खिलाफ राज्य की ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ (सख्त कार्रवाई) नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ न केवल किसी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करते हैं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने ‘नशा-मुक्त भारत’ पहल के लिए पुलिस कमिश्नरेट की एक खास वेबसाइट भी लॉन्च की। माझी ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों और हिंसा का एक मुख्य कारण बन गया है। उन्होंने लोगों को बताया कि हर साल सिर्फ शराब पीने से 2.60 लाख से 2.80 लाख लोगों की मौत हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत चिंता की बात है कि शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाली मौतों के मामले में ओडिशा दूसरे नंबर पर है।”
उन्होंने राज्य पुलिस और आबकारी विभाग को निर्देश दिया कि वे न केवल शराब के खिलाफ, बल्कि गांजा, अफीम और सिंथेटिक ड्रग्स जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों के खिलाफ भी और अधिक सख्त और सक्रिय कदम उठाएं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “ओडिशा में अगले तीन साल तक शराब की कोई नई दुकान नहीं खुलेगी।”
राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के अवैध कारोबार और नकली शराब की बिक्री के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है। तंबाकू और निकोटीन वाले पान मसाला और गुटखा के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसरों को ‘नशा-मुक्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है।

