करनाल | हाल के दिनों में भारत के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन गेम्स से जुड़ी कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। ताजा मामला हरियाणा के करनाल से सामने आया है। करनाल में घर में हुई कहासुनी और पबजी (PUBG) खेलने से रोकने के बाद 9वीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र प्रिंस ने पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। बड़े भाई सोनू ने उसे पकड़कर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर पानी में कूद गया। बच्चे की तलाश अभी भी जारी है, लेकिन बीते 10 घंटों से उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
क्या है करनाल का पूरा मामला?
करनाल के शास्त्री नगर का 15 वर्षीय प्रिंस को उसके बड़े भाई सोनू ने मोबाइल पर पबजी गेम खेलने पर डांटा था। इसके बाद प्रिंस गुस्से में घर से बाहर निकल गया। आसपास के लोगों ने सोनू को बताया कि प्रिंस नहर की तरफ गया है। इस सोनू भी प्रिंस के पीछे-पीछे भागा। सोनू ने नहर की ग्रिल के पास प्रिंस को पकड़ लिया, लेकिन दोनों के बीच हुई खींचतान में प्रिंस हाथ छुड़ाकर पानी में कूद गया।
ऑनलाइन गेम के चलते मौत के मुंह में जा रहे बच्चे
इससे पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में एक 12 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में पुलिस जांच में ऑनलाइन गेम और पैसे के लेन-देन का एंगल सामने आया। परिवार के अनुसार बच्चा गेम का शौकीन था और घटना से पहले मां के मोबाइल पर खेल रहा था। वहीं, गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में भी कोरियाई गेम और संस्कृति से जुड़े लगाव का जिक्र हुआ। परिवार ने बताया कि लड़कियां गेम छोड़ना नहीं चाहती थीं और इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा मानती थीं। पुलिस को सुसाइड नोट मिला जिसमें कोरियाई प्रभाव का संकेत था। भोपाल में 14 वर्षीय छात्र अंश साहू की मौत के मामले में भी फ्री फायर जैसे गेम की लत का जिक्र हुआ। परिवार ने बताया कि मोबाइल छीनने के बावजूद लत बनी रही और पढ़ाई प्रभावित हुई। केरल के कोच्चि में 16 वर्षीय अर्जुन कुमार की मौत में भी मोबाइल गेमिंग एंगल की जांच चल रही है।
WHO और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने गेमिंग डिसऑर्डर को लेकर चेताया
विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई हेल्थ एक्सपर्ट ने भी ऑनलाइन गेम के चलते बच्चों में बढ़ते नकारात्मक प्रभाव को लेकर चेताया है। कई हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कहा कि महामारी के बाद गेमिंग एडिक्शन के मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि यह मनोरंजन से शुरू होकर जल्दी नशे की तरह बन जाता है।

