वरिष्ठ कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन- रूरल) के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इस योजना के तहत फर्जी उपस्थिति का मामला सामने आने के बाद, अब संत कबीर नगर जिले में भी इसी तरह का घोटाला सामने आया है। जयराम रमेश के अनुसार, क्लोन ऐप्स का इस्तेमाल करके सिस्टम में फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
बीजेपी पर धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए जयराम रमेश ने लिखा, “पहले गोरखपुर में VB-G RAM G योजना के तहत फर्जी हाजिरी का बड़ा मामला सामने आया था। हमारी तरफ से मामला उठने के बाद सरकार की ओर से स्पष्टीकरण भी आया था। अब संत कबीरनगर जिले में इसी योजना के तहत वैसा ही मामला सामने आया है।”
उन्होंने आगे लिखा, “क्लोन ऐप के जरिए फर्जी हाजिरी दर्ज कराने के मामले बार-बार उजागर हो रहे हैं, जो बेहद गंभीर मामला है। चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी राम के नाम पर, फर्जी रोजगार राम के नाम पर। भाजपा को राम के नाम पर और कितना पाप करना बाकी है?”
पहले भी सवाल उठा चुके हैं जयराम रमेश
इससे पहले 13 अक्टूबर को भी एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। तब उन्होंने कहा था, “पहले भगवान श्रीराम के नाम पर चंदा चोरी, फिर मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार के हक पर चोट और अब VB-G RAM G में फर्जी हाजिरी के जरिए गरीबों पर सरकारी लूट का खेल।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि आस्था के नाम पर भरोसे के साथ धोखा है और रोजगार के नाम पर गरीबों के अधिकारों की चोरी है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति में न तो भगवान राम के प्रति सच्ची श्रद्धा दिखती है और न ही गरीबों के लिए कोई संवेदना। सत्ता पाने के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करना और साथ ही गरीबों के अधिकारों को कमजोर करना, यही बीजेपी की असली रणनीति, चरित्र और चेहरा है।

