सुकमा। जिले में गुरुवार सुबह 6 बजे से एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की संयुक्त टीमों ने एक बार फिर तेंदूपत्ता बोनस घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पूर्व विधायक और सीपीआई नेता मनीष कुंजाम के दो निवास स्थानों के साथ ही सात तेंदूपत्ता प्रबंधकों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के घरों में छापेमारी की गई। दिनभर अधिकारी दस्तावेजों की छानबीन में जुटे रहे।
पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के निवास पर कार्रवाई के साथ कोंटा, पलचलमा, फूलबगड़ी, जगरगुंडा, मिशिगुड़ा और एर्राबोर क्षेत्र के प्रबंधकों के घर भी शामिल रहे। छापा पड़ने वालों में वायरलेस ऑपरेटर महावीर सिंह का नाम भी शामिल है। इस पूरे मामले में अब तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक बदले का आरोप:
सीपीआई नेताओं ने इस छापेमारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार, जिला पंचायत चुनाव में समर्थन न मिलने के चलते बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है और नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
6 करोड़ के घोटाले की जांच:
तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में ग्रामीण आदिवासी संग्राहकों को दी जाने वाली लगभग 6 करोड़ रुपये की राशि में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। मनीष कुंजाम ने खुद इस घोटाले को लेकर प्रशासन को कई बार शिकायत दी थी और जांच की मांग की थी।
पहले भी हो चुकी कार्रवाई:
इससे पहले 8 मार्च को सुकमा के डीएफओ अशोक पटेल के निवास पर भी छापा मारा गया था। उस समय टीम को नगदी और सोना मिला था। जांच में पटेल की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब उसी कड़ी में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

