महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में एक नई हलचल मची हुई है, क्योंकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने की संभावना जताई जा रही है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में इस पर चर्चा की और लिखा कि अगर दोनों नेता राज्य के हित में एकजुट होते हैं, तो यह महाराष्ट्र के लिए जरूरी कदम होगा। संपादकीय में यह भी कहा गया कि जहर से अमृत निकल सकता है, और इसके लिए दोनों के बीच इच्छा शक्ति की आवश्यकता है।
संपादकीय में यह भी चेतावनी दी गई कि अगर राजनीति में बहस और विवादों का सिलसिला जारी रहा, तो महाराष्ट्र की आने वाली पीढ़ियां इसे माफ नहीं करेंगी। शिवसेना ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सिर्फ जहर फैलाने का काम कर रहे हैं और महाराष्ट्र के हितों के प्रति लापरवाह हैं।
सामना में यह भी लिखा गया कि राज और उद्धव के एक साथ आने की खबर ने देश की राजनीति में हलचल मचाई है। जहां कुछ लोग खुश हैं, वहीं कुछ लोगों को यह खबर चुभ रही है। राज ठाकरे की राजनीति अब तक खास सफल नहीं रही, लेकिन उनके भाजपा और मोदी के खिलाफ रुख को महत्वपूर्ण बताया गया।
राज ने हाल ही में कहा कि उनके और उद्धव के बीच के विवाद मामूली हैं और दोनों के एक साथ आने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना का जन्म मराठी हितों के लिए हुआ था, और उद्धव ठाकरे ने कभी इन हितों को छोड़ा नहीं। अंत में, संपादकीय में यह संदेश दिया गया कि अगर भाजपा और शिंदे को दूर रखा जाए तो विवाद खत्म हो जाएगा और एकता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

