Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘कानून बदलकर अधिकार नहीं छीन सकते’, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दी बड़ी चेतावनी
    • उदयनिधि को ‘पूछताछ के बाद आज ही करें रिहा’, मद्रास हाईकोर्ट ने दिए निर्देश; तृषा पर की थी टिप्पणी
    • कार में रखते ही फोन क्यों हो जाता है आग जैसा गर्म? जानें…
    • बुध का कर्क राशि में प्रवेश! 3 राशियों पर आएगा संकट
    • फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस, हवा में 300 फीट नीचे गिरा प्लेन; 10 पैसेंजर, 4 क्रू मेंबर घायल
    • सावन अमावस्या पर लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण, फिर कैसे होगा स्नान, दान और तर्पण?
    • पिता चाहते थे IIT करे , स्कूल के लड़ाई झगड़े ने बनाया बॉक्सर, CWG में जीता गोल्ड!
    • मांजलपुर उपचुनाव : BJP की बड़ी बढ़त, 11वें राउंड के बाद सतीश पटेल 17,198 वोटों से आगे
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, August 4
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»बादल फटा… घर उजड़ गया… बच गई तो सिर्फ 11 महीने की निकिता की मुस्कान, बड़ी दर्दनाक है मंडी की ये कहानी
    राष्ट्रीय

    बादल फटा… घर उजड़ गया… बच गई तो सिर्फ 11 महीने की निकिता की मुस्कान, बड़ी दर्दनाक है मंडी की ये कहानी

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 8, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मंडी:

    निकिता—एक ऐसा नाम जो आपने कई बार सुना होगा, लेकिन शायद इसके मायने पर कभी ठहरकर सोचा नहीं होगा. हिंदी में ‘निकिता’ का मतलब होता है ‘अजेय’—यानी वह जो कभी हार न माने, हर तूफान से लड़ जाए. आज हम जिस निकिता की बात कर रहे हैं, वह सिर्फ नाम से नहीं, अपने हौसले से भी ‘अजेय’ बन गई है. हिमाचल प्रदेश की महज 11 महीने की यह बच्ची मंडी में आई तबाही की उस घड़ी में भी मुस्कुराती रही, जब बड़े-बड़े हिम्मत हार बैठे थे. बादल फटने की घटना ने उसका सब कुछ तहस-नहस कर दिया, लेकिन उसकी नन्हीं मुस्कान जैसे कह रही हो,‘मैं ठीक हूं और तुम भी ठीक रहोगे.’ निकिता न सिर्फ जिंदा बची बल्कि अपने मासूम हावभाव से अनजाने में ही कई टूटे दिलों को साहस दे गई. जानिए आखिर कैसे उस तबाही में भी निकिता सही सलामत है और मुस्‍कुरा रही है. 

    लैंडस्‍लाइड में बह गया पूरा परिवार 

    बादल फटने से माता-पिता और दादी की मौत हो चुकी है. निकिता अपने माता पिता और दादी के साथ मंडी के सिराज घाटी के तलवाड़ा गांव में रहती थी. 30 जून से 1 जुलाई के बीच मंडी में एक बार में 10 से ज्‍यादा जगहों पर बादल फटने की घटना हुई थी. इसी एक घटना में निकिता का परिवार बिखर गया. तलवाड़ा गांव पिछले काफी दिनों से सुर्खियों में है और वजह है निकिता. नन्‍ही निकिता के पिता रमेश कुमार, मां राधा देवी और दादी पूर्णो देवी, घर में ही थे. लेकिन जैसे ही बारिश हुई तो उस समय घर के बाजू से पानी आने लगा और लैंडस्लाइड में परिवार के तीनों सदस्‍य इसमें बह गए. 

    पिता तो सिर्फ घर बचाना चाहते थे 

    निकिता के चाचा ने बताया कि वह कैसे बच सकी. निकिता के चाचा ने बताया, ‘उस रात बारिश बहुत तेज थी और भाई के घर के ऊपर से काफी पानी आ रहा था. उन्‍होंने सोचा कि पानी को थोड़ा सा डायवर्ट कर देते हैं ताकि घर बच जाए. इसलिए तीनों घर से बाहर चले गए और निकिता को घर के अंदर बंद करके बाहर चले गए. उन्‍होंने सोचा था कि वो थोड़ी देर में वापस आ जाएंगे.’ चाचा ने आगे बताया, ‘उन्‍हें बाढ़ का अंदाजा नहीं था और उन्‍हें नहीं मालूम था कि बादल फटा है.’

    हालात से बेखबर निकिता अंदर सोती रही 

    सवाल यही है कि फिर निकिता के चाचा और बाकी परिवार वालों को कैसे पता चला कि वह घर के अंदर अकेली है? इस पर चाचा ने कहा, ‘इनके पड़ोसी जो रात में करीब दो ढाई बजे नीचे आए और उन्‍होंने देखा कि घर के अंदर बच्‍ची अकेले सोई हुई है. फिर जब सुबह हुई तो हम पहुंचे और बचाव के लिए पहुंचे. पानी बहुत ज्‍यादा था और हम दूसरी तरफ नहीं जा सकते है. बड़ी मुश्किल से हमने पड़ोसी से कॉन्‍टैक्‍ट किया और उन्‍होंने बताया कि एक बच्‍ची अंदर है और सुरक्षित है. बाकी परिवार का कोई और सदस्‍य नजर नहीं आ रहा है. फिर जब हमें थोड़ा अंदेशा हुआ और पानी का स्‍तर कम हुआ तो सर्च के लिए निकले. फिर हमें भाई का शव मिला. एसडीआरएफ वाले निकिता की मां और दादी की तलाश कर रहे हैं, अभी तक दोनों का कुछ पता नहीं लग सका है.’ 

    निकिता को गोद देने से साफ इनकार 

    अब निकिता को गोद लेने के लिए काफी लोग आ रहे हैं और एसडीएम तक ने इस नन्‍हीं जान को गोद लेने की इच्‍छा जताई है. लेकिन परिवार ने उसे गोद देने से इनकार कर दिया है. निकिता की बुआ ने कहा है कि जिसको मदद करनी है, वो कर सकते हैं लेकिन वह निकिता को गोद नहीं देंगे. वहीं चाचा ने बताया कि एक दिन में करीब 15 लोगों ने निकिता को गोद लेने की इच्‍छा जाहिर की है लेकिन वह निकिता का पालन-पोषण खुद करेंगे. हां, अगर किसी को इस दिशा में कोई मदद करनी है तो वह कर सकता है. 

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ‘कानून बदलकर अधिकार नहीं छीन सकते’, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दी बड़ी चेतावनी

    August 4, 2026

    उदयनिधि को ‘पूछताछ के बाद आज ही करें रिहा’, मद्रास हाईकोर्ट ने दिए निर्देश; तृषा पर की थी टिप्पणी

    August 4, 2026

    देवी सीता को लेकर दी टिप्पणी, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के खिलाफ BJP ने दर्ज कराई शिकायत

    August 4, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.