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सड़क पर लहूलुहान पड़े थे पति-पत्नी, बेटे का दर्द- BMW वाली लड़की ने आखिर ऐसा क्यों किया?

नई दिल्ली:

दिल्ली का धौला कुआं. रविवार की दोपहर और अचानक जिंदगी का सबसे बड़ा हादसा. सामने खून से लथपथ पति पड़े थे, पत्नी बदहवास थी और अब बेटे की आंखों में सिर्फ एक सवाल क्या पिता की जान बच सकती थी? वित्त विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की मौत और उनकी पत्नी के घायल होने के बाद अब परिवार सदमे में है. मृतक के बेटे नवनूर सिंह का दर्द छलक पड़ा कि अगर पापा को एम्स या किसी बड़े अस्पताल ले जाया जाता, तो वो आज हमारे बीच होते. लेकिन हकीकत यह थी कि गंभीर रूप से घायल माता-पिता को ऐंबुलेंस की बजाय डिलीवरी वैन में 20 किलोमीटर दूर एक छोटे से अस्पताल ले जाया गया, जहां सुविधाओं की कमी थी. बेटे के मुताबिक हादसे वाली जगह से एम्स नजदीक था. वहां इलाज मिल जाता तो शायद पिता बच जाते. लेकिन इस हादसे के लिए जिम्मेदार लड़की घायल माता-पिता को समान ढोने वाली वैन में अपने अस्पताल ले गई. बेटे का कहना है कि लापरवाही ही पिता की असमय मौत की वजह बनी.

यहां जानिए हादसे की पूरी कहानी

नवनूर ने बताया कि उनकी मां गुरुद्वारा बंगला साहिब जाने वाली थीं, लेकिन कॉल नहीं उठा रही थीं. इसके बाद उन्हें एक पारिवारिक मित्र का फोन आया, जिसने बताया कि माता-पिता की सड़क दुर्घटना हो गई है और दोनों को GTB नगर स्थित न्यू लाइफ अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसा करीब दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच हुआ, जब एक युवती BMW कार चला रही थी और उसने उनके माता-पिता की बाइक को टक्कर मार दी.

अस्पताल को लेकर बड़ा आरोप

नवनूर ने कहा कि उनके पिता को एक ऐसे अस्पताल ले जाया गया जो हादसे की जगह से 20 किलोमीटर दूर था और जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही इमरजेंसी देखभाल की व्यवस्था. उनका कहना है कि धौला कुआं के आसपास कई सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और एम्स मौजूद हैं, अगर समय पर वहां पहुंचाया जाता तो शायद उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी.

घायल को डिलीवरी वैन में ले जाया गया

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घायलों को किसी ऐंबुलेंस की जगह एक डिलीवरी वैन में अस्पताल पहुंचाया गया. जब उनकी मां को होश आया तो उन्होंने खुद को वैन की सीट पर बैठा पाया और पीछे उनके पति बेसुध हालत में पड़े हुए थे. अस्पताल पहुंचने के बाद पिता को मृत घोषित कर दिया गया.

BMW चालक से जुड़ा विवाद

परिवार ने यह भी दावा किया है कि GTB नगर का न्यू लाइफ अस्पताल उसी युवती का है जो BMW चला रही थी. नवनूर ने बताया कि कार में मौजूद अन्य लोग मामूली चोटों के बावजूद उसी अस्पताल में भर्ती किए गए और इससे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

पुलिस कर रही है जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है. हादसे में शामिल BMW को कब्जे में ले लिया गया है और चालक युवती से पूछताछ की जा रही है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि टक्कर की असली वजह क्या थी—लापरवाही, तेज रफ्तार या कोई और कारण. यह घटना न केवल दिल्ली की सड़कों पर लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल उठाती है, बल्कि हादसे के बाद मेडिकल रेस्पॉन्स और अस्पताल चयन को लेकर भी गहरी बहस छेड़ रही है. परिवार का आरोप है कि अगर सही अस्पताल में समय पर इलाज मिलता तो उनके पिता आज जिंदा होते.

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