Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी में सुशासन तिहार के तहत 465 करोड़ रुपये के 102 विकास कार्यों की दी सौगात
    • केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह करेंगे नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 का शुभारंभ
    • कल का ‘नक्सल गढ़’ आज का डिजिटल हब: कुतुल के ग्रामीणों को मिली 4G कनेक्टिविटी की सौगात, गूंजी मोबाइल की घंटी
    • दशकों के अंधेरे से बाहर आया गारपा, नियद नेल्लानार योजना से पहली बार घर-घर पहुँची बिजली
    • नक्सल प्रभावित रहे गांव की महिला हुई आत्मनिर्भर,दुब्बाटोटा की सावलम भीमे बनीं ‘लखपति दीदी’
    • अबूझमाड़ में फैल रही है शिक्षा की रौशनी,​आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के अति दूरस्थ गांव कारकाबेड़ा में खुला नया प्राथमिक स्कूल
    • पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर : बीजापुर की महिलाओं के सपनों को मिल रहे नए पंख
    • केरल में कांग्रेस ने फाइनल की मंत्रियों की लिस्ट और विभाग!
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Sunday, May 17
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»भारतीय नागरिक, भारत में शादी, ब्रिटेन की कोर्ट नहीं दे सकती है तलाक- मैंटीनेंस पर फैसला-भारतीय हाई कोर्ट
    राष्ट्रीय

    भारतीय नागरिक, भारत में शादी, ब्रिटेन की कोर्ट नहीं दे सकती है तलाक- मैंटीनेंस पर फैसला-भारतीय हाई कोर्ट

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inDecember 25, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    कोलकाता : पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक कपल की शादी हुई। शादी के बाद पत्नी पढ़ाई करने ब्रिटेन चली गई। वहां जाने के कुछ दिनों बाद कपल के बीच विवाद हुआ। पत्नी ने ब्रिटेन की कोर्ट में तलाक और भरण-पोषण का केस डाला। ब्रिटेन की कोर्ट ने पति को हैवी मेंटीनेंस देने का आदेश दिया।

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने तलाक के मामले में एक अहम आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि विदेशी अदालतें तलाक और भरण-पोषण संबंधी कार्यवाही की सुनवाई तभी कर सकती हैं जब पति-पत्नी में से कोई एक वहां का निवासी हो। हाई कोर्ट ने कहा कि भारत में शादी हुई और कपल भारत का निवासी है, इसलिए विदेश की कोर्ट तलाक या मैंटीनेंस के केस में सुनवाई नहीं कर सकती है। हाई कोर्ट ने यह कहते हुए निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया जो पत्नी के पक्ष में हुआ था। हाई कोर्ट ने पत्नी के पक्ष में दिए गए ब्रिटेन के जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है।

    न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने 15 दिसंबर को यह आदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत यह निर्दिष्ट है कि याचिका की सुनवाई उस निवास स्थान की स्थानीय सीमा के अंतर्गत आने वाले जिला न्यायालय द्वारा की जा सकती है जहां दंपति अंतिम बार निवास करते थे।

    पीठ ने स्पष्ट किया कि यद्यपि इसी कानून की एक अलग धारा के तहत जिला न्यायालय का अर्थ भारतीय न्यायालय है, न कि विदेशी न्यायालय, फिर भी सही अर्थ में और उदार दृष्टिकोण से ब्रिटेन के पारिवारिक न्यायालय का क्षेत्राधिकार हो सकता है यदि प्रथम दृष्टया पत्नी वहां निवास करती है और कम से कम दोनों पक्ष अंतिम बार ब्रिटेन में पति-पत्नी के रूप में एक साथ रहे हों।न्यायाधीशों ने कहा कि यह सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता कि ब्रिटेन में पत्नी द्वारा दायर तलाक के मुकदमे में अंततः जो फैसला सुनाया जाएगा, वह भारत में निर्णायक नहीं होगा।

    16 मई 2025 को ब्रिटेन की पारिवारिक अदालत ने पति को भरण-पोषण देने का आदेश दिया। हालांकि, 1 नवंबर को अलीपुर जिला अदालत ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि पत्नी ब्रिटेन में अपना मामला आगे नहीं बढ़ा सकती। अलीपुर अदालत ने तर्क दिया कि पति ने पहले तलाक का मुकदमा दायर किया था और यह माना कि ब्रिटेन की अदालत के पास इस मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि पत्नी देश की स्थायी निवासी नहीं है। अदालत ने कहा कि ब्रिटेन की अदालत द्वारा दी गई भरण-पोषण राशि अत्यधिक और दमनकारी है क्योंकि यह पति की आय से अधिक है।

    महिला ने कलकत्ता हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी, जहां हाई कोर्ट ने कहा कि भले ही पत्नी ने बाद में याचिका दायर की हो, पति ने ब्रिटेन की अदालत में जवाब दाखिल किया और सबूत पेश किए। हाई कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मानना संभव नहीं है कि पति ब्रिटेन में पत्नी की तलाक की कार्यवाही और गुजारा भत्ता आवेदन का विरोध करने की स्थिति में नहीं है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    केरल में कांग्रेस ने फाइनल की मंत्रियों की लिस्ट और विभाग!

    May 17, 2026

    रूसी तेल पर छूट खत्म! क्या भारत में फिर महंगी होगी ‘लाइफलाइन’,

    May 17, 2026

    “कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं”, सुप्रीम कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान की सख्त टिप्पणी

    May 16, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.