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    Home»मुख्य समाचार»जलेश्वर–अमरकंटक वन क्षेत्र में एक बाघिन अपने शावक के साथ विचरण करते हुए पर्यटकों के कैमरे में हुई कैद…
    मुख्य समाचार

    जलेश्वर–अमरकंटक वन क्षेत्र में एक बाघिन अपने शावक के साथ विचरण करते हुए पर्यटकों के कैमरे में हुई कैद…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inFebruary 6, 2026
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    पेंड्रा- छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे जलेश्वर–अमरकंटक वन क्षेत्र में एक बाघिन अपने शावक के साथ विचरण करते हुए पर्यटकों के कैमरे में कैद हुई है। यह दुर्लभ और रोमांचक दृश्य सामने आने के बाद क्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में उत्साह का माहौल है। बाघिन और उसके शावक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 फरवरी की रात जलेश्वर से अमरकंटक के बीच जंगल क्षेत्र में कार से भ्रमण कर रहे पर्यटकों ने सुरक्षित दूरी से बाघिन और उसके शावक को देखा। पर्यटकों ने कार के भीतर से ही मोबाइल कैमरे के माध्यम से इस दृश्य को रिकॉर्ड किया। वीडियो में बाघिन अपने शावक के साथ बेहद शांत और स्वाभाविक अंदाज में जंगल में घूमती दिखाई दे रही है।

    वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत
    वन विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह घटना क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी का एक सकारात्मक संकेत है। जलेश्वर–अमरकंटक क्षेत्र अचानकमार टाइगर रिज़र्व और बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से जुड़ा हुआ है, जिससे बाघों की आवाजाही यहां स्वाभाविक मानी जा रही है। बाघिन के साथ शावक का दिखना इस बात का संकेत है कि जंगल का पारिस्थितिक तंत्र अनुकूल और सुरक्षित बना हुआ है।

    सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत
    अमरकंटक एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, ऐसे में बाघों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग के लिए सतर्कता बढ़ाना आवश्यक हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण दोनों को संतुलित रखते हुए निगरानी और जागरूकता जरूरी है, ताकि मानव और वन्यजीव संघर्ष की स्थिति न बने।

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