ईरान से जंग के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी सेहोर्मुज और मिडिल ईस्ट के हालात पर की बात

नई दिल्ली: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है। बता दें कि स्ट्रेड ऑफ होर्मुज के बंद होने से पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। कई जहाज बीच समुद्र में फंस गए हैं जिससे कच्चे तेल की सप्लाई में मुश्किलें आ रही हैं।
पीएम मोदी बोले- मुझे राष्ट्रपति ट्रंप का आया फोन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फोन कॉल की पुष्टि की। पीएम मोदी ने इसकी जानकारी एक्स हैंडल पर देते हुए लिखा “मुझे राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ। भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति जताई।”
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ 5 दिन हमले रोकने का किया था दावा
बता दें कि बीते सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा ” मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में हमारी आपसी दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करने के संबंध में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है, इन गहरी, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत को देखते हुए मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ किसी भी और सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दें।”
एस जयशंकर ने भी सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री से की थी बात
- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले परिणामों पर केंद्रित रहा।
- विदेशमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ने कहा कि उनकी रूबियो के साथ फोन कॉल पर विस्तृत बातचीत हुई, जिसमें प्रमुख रूप से पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की गई।
- उन्होंने कहा, ‘‘हमारी चर्चा पश्चिम एशिया संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर केंद्रित थी। हमने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर बात की। संपर्क में रहने पर सहमति बनी।’’



