Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी
    • चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री
    • “बंगाल की जनता अपना फैसला दे चुकी है”, संजय झा ने साधा ममता बनर्जी पर निशाना
    • सफलता की कहानी-गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना PHC चेरपाल
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 112 करोड़ से अधिक के कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन
    • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: राष्ट्र प्रथम का अमर संदेश
    • जामुन खाकर न करें गुठली को फेंकने की गलती, इन 5 बीमारियों में मददगार
    • भारत की सबसे अनोखी ट्रेन, 145 साल से लगातार ढो रही है नमक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, July 7
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»मुख्य समाचार»जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है –मुख्यमंत्री
    मुख्य समाचार

    जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है –मुख्यमंत्री

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inFebruary 6, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    पीएम मोदी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है – मुख्यमंत्री

    बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और संभावनाओं का बन रहा प्रतीक: मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने उद्बोधन के दौरान विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है। विकास की धारा अब बस्तर के गांव-गांव तक पहुंच रही है। कई ऐसे गांव हैं जहां पहली बार बस सेवा शुरू हुई और पूरे गांव ने इसे उत्सव की तरह मनाया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब कुछ जिलों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था। वहां रहने वाले करोड़ों लोगों की मौलिक आवश्यकताओं तक को नकार दिया गया था और उन्हें उसी अवस्था में जीने के लिए मजबूर कर दिया गया। इन क्षेत्रों में विकास के अभाव ने हालात को और बदतर बना दिया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि ऐसे जिलों को पनिशमेंट पोस्टिंग के लिए उपयुक्त माना जाने लगा था, जिससे वहां की व्यवस्था और अधिक बिगड़ती चली गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस सोच और संस्कृति को बदला गया। यह निर्णय लिया गया कि पिछड़े क्षेत्रों में योग्य, युवा और होनहार अधिकारियों को तैनात किया जाएगा और उन्हें पूरे तीन वर्ष का समय दिया जाएगा, ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। एक के बाद एक ठोस निर्णय लिए गए और आज उनके परिणाम देश देख रहा है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद में प्रधानमंत्री के बस्तर में हुए विकास पर दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है। यह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है। यहां अनेक सुंदर जलप्रपात हैं, कुटुमसर जैसी विश्वविख्यात गुफा है, विशाल अबूझमाड़ का जंगल है और धुड़मारास गांव को विश्व पर्यटन संस्था द्वारा चयनित 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास इस पूरे क्षेत्र को छू नहीं पाया, जबकि बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से भी बड़ा है। अब स्थिति तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और विकास ने नई गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और उत्साह का परिणाम है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन पिछले वर्ष से किया जा रहा है। पिछले वर्ष इसमें 1 करोड़ 65 लाख युवाओं की भागीदारी रही, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 91 लाख तक पहुंच गई है। इसी तरह बस्तर पंडुम का आयोजन भी पिछले वर्ष किया गया और इस वर्ष भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का शुभारंभ 7 तारीख को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से होगा, जबकि समापन 9 तारीख को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी कई बार बस्तर और बस्तर ओलंपिक का उल्लेख किया जाना पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और संभावनाओं का प्रतीक बन रहा है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    300 साल पुरानी अनोखी बावड़ी फिर हो गई ‘जिंदा’…दिखने में शिवलिंग जैसी

    July 5, 2026

    पोते और पालतू कुत्ते को बचाने तेंदुए से भिड़ गई दादी, एक घंटे तक किया मुकाबला, गंभीर चोटें 

    July 5, 2026

    कभी गैंगस्टरों की सबसे चर्चित साथी राजस्थान की ‘लेडी डॉन’, आज जुड़वा बेटियों की मां!

    July 5, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.