बहजोई (संभल)। दुबई में बैठे संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए जनपद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीओ संभल कुलदीप सिंह के अनुसार एसआईबी की जांच में सामने आए तथ्यों की सूचना केंद्रीय खुफिया एजेंसी आइबी के केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद सबसे पहले आइबी के द्वारा शारिक साठा के विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी कराया जाएगा।
लुक आउट नोटिस की प्रक्रिया के बाद आईबी और केंद्र सरकार के गृह विभाग को आवश्यक रिपोर्ट और सूचना भेजी जाएगी। इसके बाद आईबी इंटरपोल से शारिक साठा के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का आग्रह करेगी।
आईबी और गृह विभाग की रिपोर्ट और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगी। इसके बाद सदस्य देशों की पुलिस को शारिक साठा के संबंध में सूचना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश में सहयोग उपलब्ध कराया जा सकेगा। संबंधित देश के कानून के अनुसार उसकी पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकेगी।
दुबई में बताई जा रही है लोकेशन
पुलिस के अनुसार संभल हिंसा के बाद से शारिक साठा की लोकेशन दुबई में बताई जाती रही है। उसकी पत्नी भी हिंसा के बाद यहां से जा चुकी है, जबकि उसके इशारों पर संभल हिंसा में सक्रिय रहे उसके गुर्गे मुल्ला अफरोज, गुलाम और वसीम अभी जेल में बंद हैं। उन पर एनएसए की कार्रवाई भी हो चुकी है।
यिक आयोग की रिपोर्ट में शारिक साठा की भूमिका की अहम कड़ी उसके साथी गुलाम नवी से जुड़ी है। गुलाम नवी को 20 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास मिले दो मोबाइल में एक शारिक की पत्नी रोशन जहां का बताया गया था, जिसमें विदेशी नंबर मिला था। उसकी जानकारी पर तीन पिस्तौल और एक देसी हथियार बरामद होने का उल्लेख रिपोर्ट में है।
इंटरपोल क्या है, कैसे काम करती है और भारत से कैसे जुड़ी है?
इंटरपोल का पूरा नाम इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस आर्गनाइजेशन-इंटरपोल है। यह सदस्य देशों की पुलिस के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध और अपराधियों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान और सहयोग का मंच है। इसके 196 सदस्य देश हैं और मुख्यालय ल्योन, फ्रांस में है। प्रत्येक सदस्य देश में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो होता है, जो अपने देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इंटरपोल से जोड़ता है।
भारत का नेशनल सेंट्रल ब्यूरो नई दिल्ली में है और केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से इंटरपोल से समन्वय करता है। इंटरपोल के सुरक्षित संचार नेटवर्क और डाटाबेस के माध्यम से सदस्य देशों की पुलिस को अपराधियों, चोरी हुए दस्तावेज और अन्य आपराधिक सूचनाओं तक पहुंच में सहयोग मिलता है। इंटरपोल स्वयं किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती है।
लुक आउट से रेड कॉर्नर नोटिस तक ऐसे बढ़ेगी कार्रवाई
शारिक साठा के विरुद्ध कार्रवाई की शुरुआत जनपद पुलिस द्वारा जुटाए गए तथ्यों और कार्रवाई की रिपोर्ट केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी को भेजने से होगी। इसके बाद लुक आउट नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया होगी। आगे आईबी और गृह विभाग की रिपोर्ट व आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर आईबी इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का आग्रह करेगी। इंटरपोल की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी होने के बाद सदस्य देशों की पुलिस को शारिक की तलाश में सहयोग मिलेगा। रेड कॉर्नर नोटिस गिरफ्तारी वारंट नहीं होता और अंतिम गिरफ्तारी संबंधित देश के कानून के अनुसार वहां की पुलिस द्वारा की जाती है।
शारिक से पूछताछ के लिए एसआईबी के समक्ष पेश किया जाना बाकी
हिंसा भड़काने की प्रमुख भूमिका में सामने आए मास्टरमाइंड शारिक साठा से पूछताछ के लिए उसे एसआईबी के समक्ष पेश किया जाना भी बाकी है। मामले की जांच एसआइबी, एसपी क्राइम के नेतृत्व में कर रही है और पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच की जा चुकी है। शारिक के पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ हिंसा की साजिश, नेटवर्क और विदेश से संचालित गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की अगली कड़ी सामने ला सकती है।
शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए जनपद पुलिस की कार्रवाई चल रही है। इंटेलिजेंस ब्यूरो को सूचना देने के बाद उसके माध्यम से सबसे पहले लुक आउट नोटिस जारी कराया जाएगा। इसके बाद आइबी और गृह विभाग की प्रक्रिया के बाद आईबी के आग्रह पर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जाएगा। इसके बाद इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश और संबंधित देशों की पुलिस से सहयोग लिया जाएगा, ताकि उसकी लोकेशन मिलने पर गिरफ्तारी कराकर आगे की कार्रवाई की जा सके।
-कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।

