जगदलपुर। बीजापुर जिले के तेलंगाना सीमा से लगे क्षेत्र में शीर्ष माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने पिछले 50 घंटों से बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा माओवादी विरोधी ऑपरेशन बताया जा रहा है।
इस अभियान में छत्तीसगढ़ डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी), केंद्रीय सुरक्षा बल (सीआरपीएफ), कोबरा बटालियन, तेलंगाना की ग्रेहाउंड्स और महाराष्ट्र की सी-60 फोर्स के 5000 से अधिक जवानों ने माओवादियों को चारों ओर से घेरने के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई की है।
आईईडी बिछाए गए पहाड़ियों में
पिछले दिनों माओवादियों ने एक पत्र जारी कर ग्रामीणों को चेतावनी दी थी कि तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर बड़ी संख्या में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बिछाए गए हैं, इसलिए उन्हें इन पहाड़ियों पर न जाने की सलाह दी गई थी। इसी सूचना के आधार पर और इंटेलिजेंस रिपोर्ट के पुख्ता होने के बाद यह अभियान शुरू किया गया है।
गुरुवार सुबह से मुठभेड़ की शुरुआत
फोर्स के जवानों ने पिछले दो दिनों में 100 से अधिक आईईडी बरामद किए हैं। माओवादियों को पूरी तरह से घेरने के लिए सैटेलाइट, ड्रोन और हेलीकॉप्टर का भी उपयोग किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दो दिन पैदल चलने के बाद गुरुवार सुबह चार बजे से माओवादियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई है।
इस अभियान को लेकर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने कहा कि अभियान समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

