Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त
    • पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर उजियारा, बिजली बिल में बचत से परिवारों को मिल रहा आर्थिक संबल
    • यूसुफ की शाह से अपील, मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई रोकें
    • छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार को मिली रफ्तार, वार्षिक बजट आवंटन बढ़कर ₹7,470 करोड़
    • योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू
    • घर से संदिग्ध हालत में लापता हुईं 2 नाबालिग बहनें, परिवार में चिंता
    • नाबालिग लड़की का अपहरण, दुष्कर्म और फिर गला घोंटकर हत्या
    • शाम को घूमने निकले थे दोनों, नहर में नहाते समय डूबने से कार्तिक और गौरव की गई  जान
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, August 8
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»बोफोर्स तोप सौदा मामला: 31 साल पुराने विवाद का सुप्रीम कोर्ट ने किया अंत, जानें बोफोर्स केस की पूरी कहानी
    राष्ट्रीय

    बोफोर्स तोप सौदा मामला: 31 साल पुराने विवाद का सुप्रीम कोर्ट ने किया अंत, जानें बोफोर्स केस की पूरी कहानी

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 7, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    देश की राजनीति को हिलाकर रख देने वाले और सरकारों के तख्तापलट का कारण बने बहुचर्चित बोफोर्स तोप सौदा घोटाले में अब न्यायपालिका की तरफ से हमेशा के लिए पर्दा गिर गया है। सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2005 के उस ऐतिहासिक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें हिंदुजा बंधुओं और स्वीडिश हथियार निर्माता कंपनी एबी बोफोर्स (AB Bofors) के खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया गया था। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता अजय के. अग्रवाल की याचिका पर आगे सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत के इस फैसले के साथ ही करीब चार दशक पुराने इस सियासी और कानूनी ड्रामे का अंतिम अध्याय भी बंद हो गया है।

    अदालत ने क्यों बंद की फाइल?

    सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता ने याचिका में संशोधन के लिए चार सप्ताह का समय मांगा ताकि दिवंगत हो चुके श्रीचंद हिंदुजा और गोपीचंद हिंदुजा के नाम हटाए जा सकें तब पीठ ने सख्त रुख अपनाया। जस्टिस पारदीवाला ने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि जब 2005 में दिल्ली हाईकोर्ट प्रक्रिया रद्द कर चुका है और सीबीआई की अपील भी सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है, तब इस मामले में अब क्या शेष बचता है?

    गौरतलब है कि सीबीआई की मुख्य जांच में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि स्वीडिश अधिकारियों से प्राप्त दस्तावेज न तो मूल थे और न ही प्रमाणित। अदालत ने माना था कि बिना पुख्ता सबूतों के मुकदमा चलाना जनता के पैसे और समय की बर्बादी है।

    बोफोर्स घोटाला: 1986 से 2026 तक का घटनाक्रम

    करीब चार दशक पहले हुआ बोफोर्स तोप सौदा केवल एक रक्षा खरीद समझौता नहीं रहा, बल्कि इसने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। 1986 में स्वीडन की कंपनी एबी बोफोर्स से 155 मिमी हॉवित्जर तोपों की खरीद के लिए हुए समझौते के बाद उठे कथित कमीशन के आरोपों ने संसद से लेकर अदालतों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक लंबी कानूनी जंग को जन्म दिया। समय के साथ कई आरोपी दुनिया छोड़ गए, कई मामलों में अदालतों ने राहत दी और अंततः न्यायिक प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंच गई।

    24 मार्च 1986 को भारत सरकार और स्वीडिश कंपनी एबी बोफोर्स के बीच करीब 400 से अधिक 155 मिमी हॉवित्जर फील्ड गनों की आपूर्ति का समझौता हुआ। उस समय इसे भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना गया। लेकिन अगले ही वर्ष अप्रैल 1987 में स्वीडिश रेडियो की एक रिपोर्ट ने दावा किया कि इस सौदे को हासिल करने के लिए कथित तौर पर भारी कमीशन दिया गया।

    वर्षप्रमुख घटनाक्रम
    24 मार्च 1986भारत सरकार और स्वीडिश कंपनी एबी बोफोर्स के बीच 400 हॉविट्जर तोपों के लिए ₹1,437 करोड़ का समझौता।
    अप्रैल 1987स्वीडिश रेडियो का खुलासा: सौदे के लिए भारतीय नेताओं और रक्षा अधिकारियों को दलाली (कमीशन) दी गई।
    नवंबर 1989बोफोर्स विवाद के कारण लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा; राजीव गांधी सत्ता से बाहर।
    22 जनवरी 1990सीबीआई ने आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज की; स्विट्जरलैंड में खाते सीज किए गए।
    29 जुलाई 1993इतालवी व्यापारी ओतावियो क्वात्रोची गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत छोड़कर फरार।
    31 मई 2005दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं और एबी बोफोर्स को सभी आपराधिक आरोपों से बरी किया।
    नवंबर 2018सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील 4,522 दिनों की देरी के कारण खारिज की।
    2026सुप्रीम कोर्ट ने बची हुई अंतिम निजी याचिका भी खारिज कर मामले का पूरी तरह पटाक्षेप किया।

    रक्षा सौदों पर बोफोर्स का दूरगामी प्रभाव

    बोफोर्स विवाद का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा; इसने भारतीय रक्षा खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया:

    रक्षा खरीद नीति में सुधार: बोफोर्स कांड के बाद भारत में रक्षा सौदों के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) और ‘डिफेंस प्रोक्योरमेंट मैनुअल’ की शुरुआत की गई।

    सैनिक क्षमताओं पर असर: घोटाले के विवाद के चलते भारतीय सेना को दशकों तक नई तोपों की आपूर्ति से वंचित रहना पड़ा। बोफोर्स के बाद सेना में अगली बड़ी हॉविट्जर तोप (एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉविट्जर और के9-वज्र) को शामिल होने में करीब तीन दशक का वक्त लग गया।

    1999 का कारगिल युद्ध: विडंबना यह रही कि जिस तोप सौदे पर इतना विवाद हुआ, उसी बोफोर्स (155 मिमी हॉविट्जर) तोप ने 1999 के कारगिल युद्ध में उच्च हिमालयी चोटियों पर छिपे दुश्मनों के बंकरों को ध्वस्त करने में सबसे निर्णायक भूमिका निभाई।

    सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले के साथ ही देश के सबसे लंबे और चर्चित राजनीतिक-कानूनी अध्यायों में से एक पर अंतिम विराम लग गया है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से बोले ‘चिंता की बात नहीं, मैं आपके साथ हूं’ : पीएम मोदी

    August 7, 2026

    कांग्रेस हाईकमान ने एआईसीसी में किया बड़ा फेरबदल, जगदीश चंद्र को बनाया UP का नया एआईसीसी सचिव

    August 7, 2026

    “यही बात BJP और RSS को भी समझाएं”, मोहन भागवत के Gen-Z वाले बयान पर अभिजीत दीपके का पलटवार

    August 7, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.