संपादकीय

  • तो आतंक की परिभाषा…

    भारत आतंकवाद से छिला, जख्मी और असमय मौतों का देश है, लिहाजा आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय नीति का स्वागत है। हम 1980 के दशक से बहुस्तरीय, बहुचेहरी आतंकवाद झेलते आए हैं। उसमें पाकपरस्त इस्लामी, जेहादी आतंकवाद है और पूर्वोत्तर के उग्रवाद भी हैं। खालिस्तानी आतंकवाद का सफाया हो चुका है। उसके बचे-खुचे खाडक़ू पाकिस्तान, कनाडा, अमरीका, जर्मनी आदि देशों में हैं और…

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  • शंकराचार्य बनाम साधु…

    तिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप अश्लील हैं कि उन्होंने और उनके शिष्य ने दो नाबालिग शिष्यों का यौन शोषण किया। जो आशुतोष ब्रह्मचारी नामक कथित साधु ने अदालत में शिकायत दर्ज की थी, वह भी एक और संन्यासी, कथित जगद्गुरु रामभद्राचार्य का शिष्य बताया जा रहा है। अदालत में जज के…

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  • क्या ट्रंप टैरिफ लागू है…

    अमरीका की सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को खारिज कर दिया था। उसे गैर-कानूनी करार दिया गया और संवैधानिक शक्तियों का अतिक्रमण माना गया। शीर्ष अदालत ने 6-3 के बहुमत के साथ व्याख्या की कि टैरिफ लगाने का विशेषाधिकार राष्ट्रपति को नहीं है। सिर्फ अमरीकी कांग्रेस (संसद) ही टैरिफ पर कोई निर्णय ले सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप…

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  • ‘विमानों द्वारा’ नशों और सोने की तस्करी जारी!

    एक ओर सरकार नशों और सोने की तस्करी रोकने के लिए अभियान चला रही है तो दूसरी तरफ समाज विरोधी तत्व इनकी तस्करी के लिए कड़ी सुरक्षा वाले विमानों का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिनकी मात्र पिछले 12 दिनों के दौरान सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :  * 7 फरवरी, 2026 को ‘चेन्नई’ हवाई अड्डे की ‘एयर…

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  • फिर कसौटी पर राज्यसभा चुनाव…

    फिर वही करवटें और आसमां पे लिखी जाएगी कहानी। एक सफर राज्यसभा की ओर और चंद कदमों के फासले पर राजनीतिक इच्छाशक्ति। हिमाचल पुन: कांग्रेसी सत्ता की कसौटी पर राज्यसभा की सदस्यता में एक नया चेहरा आजमाना चाहेगा। एक नया पड़ाव, नई महत्त्वाकांक्षा और फानूस के नीचे अपने अंधेरों से युद्ध। परिस्थितियां पहले भी गणित के हिसाब से कांग्रेस को अवसर…

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  • देवर ने भाभी

    ‘भारत में तेजी से बढ़ रहे’ आत्महत्या के मामले…

    भारत में छोटी-छोटी बातों को लेकर नागरिकों में आत्महत्या करने का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। पिछले वर्ष जारी की गई नैशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में देश में 1,71,148 नागरिकों ने विभिन्न कारणों से आत्महत्या कर ली थी। यह सिलसिला अब भी थम नहीं रहा। पिछले 3 सप्ताह में ही कई लोगों द्वारा आत्महत्या…

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  • भागवत का ‘हिंदू पुराण’…

    सरसंघचालक मोहन भागवत अक्सर ‘हिंदू’ को लेकर संबोधित करते रहे हैं। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वैचारिकता भी है। कोई भी संगठन या उसका नेतृत्व अपनी विचारधारा का प्रचार कर सकता है। भागवत का मानना है कि भारत का प्रत्येक नागरिक बुनियादी और आत्मा के स्तर पर ‘हिंदू’ है। उसकी पूजा-पद्धति भिन्न हो सकती है। यानी मुसलमान, ईसाई, पारसी, यहूदी…

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  • समग्र राष्ट्रीय न्यायिक नीति; समय की जरूरत…

    भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी में आयोजित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का सम्मेलन भारतीय न्यायपालिका के लिए एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जाना चाहिए. यह केवल औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि उस न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर चिंतन है, जो वर्षों से लंबित मामलों, प्रक्रियागत जटिलताओं और आम नागरिक की सीमित पहुंच से जूझ रही है. ऐसे समय में…

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  • मर्यादा हनन का सदन…

    प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ पर अपना जवाब नहीं दे सके। राष्ट्रपति अभिभाषण के संदर्भ में प्रधानमंत्री अपनी बात सदन में नहीं रख सके, जबकि वह सदन के नेता भी हैं। संसदीय इतिहास में यह अभूतपूर्व विडंबना है और देश की संसदीय व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। चूंकि स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल…

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  • कैंसर इलाज मुफ्त क्यों नहीं?

    कैंसर और मधुमेह (डायबिटीज) भारत में दोहरा, जानलेवा, गंभीर स्वास्थ्य संकट हैं। देश में 2025 तक मधुमेह पीडि़तों की अनुमानित संख्या 12.49 करोड़ है। करीब 8-18 फीसदी कैंसर रोगियों को मधुमेह भी होता है, लिहाजा टाइप-2 मधुमेह के कारण स्तन, कोलन, लिवर, पैंक्रियाज के कैंसर का जोखिम 20-30 फीसदी तक बढ़ जाता है। भारत में मुख कैंसर विश्व में सबसे अधिक…

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