संस्थान की ओर से माने प्रतीक राजकुमार के परिजन को घटना की सूचना दे दी है। फिलहाल कारणों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में उसके दोस्तों व अन्य छात्रों से पता चला है कि आत्महत्या का मामला निजी था और घर से जुड़ा हुआ है। धनबाद थाना पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। माता-पिता व अन्य स्वजन के आने के बाद ही पूरा मामला प्रकाश में आएगा।
आइआइटी आइएसएम में हाल के वर्षों में आत्महत्या की घटनाएं
– सितंबर 2018 : आइआइटी आइएसएम से पीएचडी कर रहे छात्र रंजन राठी ने फांसी लगाकर खुदकशी की। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहा था और यूपी के मुरादाबाद का रहने वाला था। जैसपर हास्टल के डी ब्लाक में रहता था।
– दिसंबर 2022 : आइआइटी आइएसएम के अंबर हास्टल 2018 बैच के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र चेरूकुरी प्रवीण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। चेरूकुरी हैदराबाद का रहने वाला था। प्रवीण का शव गमछे के सहारे लटका हुआ मिला।
– जनवरी 2023 : आइआइटी आइएसएम में जूनियर तकनीशियन ने अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। जूनियर तकनीशियन दीपक कुमार संस्थान में इलेक्ट्रानिक विभाग में कार्यरत था। स्टाफ क्वार्टर के बाथरूम में गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिला का रहना वाला था।
– जुलाई 2024 : आइआइटी आइएसएम में कार्यरत सुरक्षा गार्ड राजू गिरी ने आत्महत्या की। राजू कमांडो कंपनी का सुरक्षा गार्ड था और बिहार के गयाजी जिले के टेकारी का रहने वाला था।
– मार्च 2025 : आइएसएम के हास्टल में बीटेक छात्र तन्मय प्रजापति की संदिग्ध मृत्यु। बाथरूम में मृत मिला और पास में इंजेक्शन की निडिल पाई गई थी। तन्मय इंदौर का निवासी था और इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन का छात्र था।

