Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: नगरीय प्रशासन विभाग ने 66 अभियंताओं के किए तबादले, देखें पूरी सूची
    • “ये मेरे पिता और दादी की गलती है”, फांसी के फंदे पर लटका मिला 20 वर्षीय VFX डिजाइनर का शव, दीवार पर लिखा मिला सुसाइड नोट
    • शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत
    • रायपुर के पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज में 20 एमबीबीएस सीटें बढ़ीं, कुल संख्या हुई 250
    • भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी लंबे इको ट्रेल का किया शुभारंभ
    • आदित्य कुमार चंद्राकर बने अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के युवा संगठन के व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक
    • मुंबई में डिप्टी सीएम पवन कल्याण के दाएं कंधे की सर्जरी, 2016 में लगी चोट से दर्द में थे
    • मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु की थलपति विजय की छोड़ी सीट समेत 5 विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर लगाई रोक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, July 11
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»छत्तीसगढ़ पुलिस ने माओवादी नेता बसवराजू का शव परिवार को सौंपने से किया इनकार, जानिए कारण
    छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ पुलिस ने माओवादी नेता बसवराजू का शव परिवार को सौंपने से किया इनकार, जानिए कारण

    Chhattisgarh RajyaBy Chhattisgarh RajyaMay 26, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    माओवादी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस पिछले सप्ताह नारायणपुर में हुई मुठभेड़ में मारे गए सीपीआई (माओवादी) के महासचिव नंबला केशव राव उर्फ बसवराजू का शव अपने परिवार को सौंपने के पक्ष में नहीं है। पुलिस को इस बात का डर है कि यदि शव को परिवार को दिया गया और सार्वजनिक अंतिम संस्कार हुआ, तो यह माओवादी नेता की वर्चस्व और महिमामंडन का जरिया बन सकता है, जो सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों और निर्दोष आदिवासियों की हत्याओं के लिए जिम्मेदार रहा है।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक बसवराजू का परिवार आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रहता है, जिसमें उनकी सौतेली मां और भाई शामिल हैं। परिवार के कुछ सदस्य शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए आंध्र प्रदेश ले जाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस उनकी दावों की जांच कर रही है और अंतिम फैसला सभी पहलुओं का ध्यान रखकर लिया जाएगा।

    वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि छत्तीसगढ़ पुलिस जम्मू-कश्मीर में अपनाई गई नीति से सीख सकती है, जहां 2019 से आतंकवादियों के शव परिवार को नहीं दिए जाते। वहां पुलिस शवों को कुछ करीबी रिश्तेदारों की मौजूदगी में चिह्नित कब्रों में दफनाती है, ताकि अंतिम संस्कार में भारी भीड़ इकट्ठा न हो सके, जो कट्टरता और आतंकवादियों की भर्ती का केंद्र बन सकती है।

    सरकारी अधिकारी ने कहा कि पुलिस एक मध्य मार्ग निकाल सकती है, जहां बसवराजू के परिवार को पुलिस द्वारा सुरक्षित जगह पर किए जाने वाले अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। इस अंतिम संस्कार को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, जिससे कानून-व्यवस्था को खतरा नहीं होगा और इसे ‘हीरो की विदाई’ नहीं बनने दिया जाएगा। अधिकारी ने यह भी बताया कि नारायणपुर ऑपरेशन में मारे गए 27 माओवादियों में से कई के शव परिवार को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन बसवराजू जैसे बड़े नेता के मामले में यह उचित नहीं माना जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, बसवराजू का अपने परिवार से लगभग चार दशकों से कोई संपर्क नहीं था क्योंकि वह एकांत में रहते थे और बेहद सतर्क थे। दिलचस्प बात यह है कि शव का दावा करने वाले रिश्तेदारों ने सार्वजनिक रूप से कोई अपील नहीं की है और न ही माओवादी संगठन के साथ अपने संबंधों की निंदा की है। पुलिस को संदेह है कि माओवादियों ने उनके रिश्तेदारों को शव का दावा करने के लिए प्रेरित किया होगा, ताकि बसवराजू का अंतिम संस्कार एक राजनीतिक एवं सामरिक हथियार बन सके। इसका मकसद माओवादी नेता को ‘हीरो’ के रूप में अमर बनाना और जनता के बीच उग्रवाद के लिए समर्थन और सहानुभूति पैदा करना हो सकता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    Chhattisgarh Rajya
    Chhattisgarh Rajya

    Related Posts

    छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: नगरीय प्रशासन विभाग ने 66 अभियंताओं के किए तबादले, देखें पूरी सूची

    July 11, 2026

    शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

    July 11, 2026

    रायपुर के पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज में 20 एमबीबीएस सीटें बढ़ीं, कुल संख्या हुई 250

    July 11, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.